अंबेडकरनगर/7 अगस्त 2026। गोविंद साहब में शुक्रवार को आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर को बड़ी सौगात दी। उन्होंने जिले के प्रसिद्ध गोविंद साहब मेला को राजकीय मेला घोषित करने का एलान किया। घोषणा के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह नजर आया। मुख्यमंत्री ने इसी मंच से समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। परिवारवाद, कानून व्यवस्था, दंगे और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने पिछली सरकार पर सवाल खड़े किए।
गोविंद साहब मेला अब राजकीय मेला, योगी ने किया एलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविंद साहब का मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसे राजकीय मेले का दर्जा मिलने से आयोजन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। योगी ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसी मुख्यमंत्री का गोविंद साहब आना नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का काम केवल राजधानी तक सीमित रहना नहीं है। जनता के बीच जाना और उनकी समस्याओं को समझना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
सपा पर परिवारवाद और भर्ती व्यवस्था को लेकर हमला
जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने सपा पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में योग्यता के बजाय भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिला। सरकारी भर्तियों को लेकर उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रश्नपत्र खरीदने, परीक्षा घर ले जाकर लिखने और गांव-गांव नौकरी बेचने जैसी शिकायतें सामने आती थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया है और अब तक नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
‘अब माफिया और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई’
योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बालू, भूमि, वन और पशु माफिया का प्रभाव था तथा अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। उन्होंने कहा कि अब सरकार माफिया और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है।
दंगों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा, लखनऊ और कानपुर समेत कई स्थानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान “नो कर्फ्यू, नो दंगा” के रूप में बनी है।
ओडीओपी से स्थानीय उत्पादों को मिली पहचान
मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना से स्थानीय उत्पादों को बाजार और नई पहचान मिली है। इसका लाभ किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिल रहा है।
योगी ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का जिक्र करते हुए महाराजा सुहेलदेव, वीरांगना ऊदा देवी, रानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, छत्रपति साहूजी महाराज और ज्योतिबा फुले से जुड़े स्थलों के विकास की बात कही।
अयोध्या और राम मंदिर का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर अयोध्या की विरासत की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले रामभक्तों पर गोली चलाने की घटनाएं हुईं और भगवान राम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को सम्मान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।
राशन से इलाज तक योजनाओं का गिनाया लाभ
योगी ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए निशुल्क राशन, आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक के उपचार, निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की पेंशन तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, बिजली और सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने पर भी सरकार का जोर है।
युवाओं के लिए बनेंगे अपॉर्च्युनिटी जोन
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर अपॉर्च्युनिटी जोन विकसित करने की योजना है। इन केंद्रों पर युवाओं को स्किलिंग और रोजगार से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, व्यापारियों को भयमुक्त माहौल और बिना भेदभाव हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।










