लखनऊ/22 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे नए मौसम तंत्र के प्रभाव से 23 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कई दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इस बदलाव का असर खास तौर पर पूर्वांचल, तराई और मध्य उत्तर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने 22 से 28 सितंबर के बीच प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से बारिश थमने के बाद फिर से मौसम सुहाना होने के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
23 सितंबर से सक्रिय होगा मौसम तंत्र
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र का प्रभाव भी मौसम पर पड़ रहा है।
इन मौसमी परिस्थितियों के कारण 23 सितंबर से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां शुरू होने का अनुमान है। यह सिलसिला 28 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बना रह सकता है।
मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। अब बुधवार से बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना जताई गई है।
25 से 27 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ मौसम में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है।
वहीं, 26 सितंबर को पूर्वी तराई के जिलों में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तराई क्षेत्र में रहने वाले लोगों और स्थानीय प्रशासन को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
तापमान में 5 से 8 डिग्री तक गिरावट के आसार
बारिश के साथ प्रदेश के तापमान में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
यानी दिन के समय पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि लगातार बारिश वाले जिलों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
पूर्वांचल, तराई और मध्य यूपी में ज्यादा असर
नए मौसम तंत्र का प्रभाव पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है, लेकिन पूर्वांचल, तराई और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है।
फिलहाल मौसम विभाग ने 28 सितंबर तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की स्थानीय स्थिति के अनुसार बारिश की तीव्रता में अंतर देखने को मिल सकता है।










