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हमीरपुर नाव हादसे पर CM योगी सख्त, जांच और राहत कार्य में लापरवाही पर चेतावनी

On: May 7, 2026
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हमीरपुर नाव हादसे पर CM योगी सख्त, जांच और राहत कार्य में लापरवाही पर चेतावनी
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लखनऊ (Thu, 07 May 2026)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि लापता लोगों की तलाश में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने हादसे की विस्तृत जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

यमुना नदी में पलटी नाव, पांच बच्चे समेत छह लोग लापता

जानकारी के मुताबिक यह हादसा बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे हमीरपुर जिले के Kurara थाना क्षेत्र के कुतुपुर पटिया गांव के पास हुआ। ग्रामीणों और बच्चों से भरी नाव अचानक Yamuna River में पलट गई।

बताया जा रहा है कि नाव में कुल नौ लोग सवार थे। हादसे के बाद तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि पांच मासूम बच्चों सहित छह लोग अब भी लापता हैं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, SDRF की टीम तैनात

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। बांदा से पहुंचे डीआईजी Rajesh S ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

यमुना नदी में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। हालांकि घटना के करीब दस घंटे बाद तक भी लापता लोगों का पता नहीं चल सका था। स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ तलाश अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

हादसे के कारणों की होगी गहन जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नाव हादसे के पीछे की वजहों की गंभीरता से जांच की जाए। शुरुआती स्तर पर क्षमता से अधिक लोगों के नाव में सवार होने और सुरक्षा इंतजामों की कमी जैसे पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।

प्रशासन को यह भी कहा गया है कि भविष्य में नदी पार करने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में कई जगह अब भी लोग रोजमर्रा के आवागमन के लिए छोटी नावों पर निर्भर हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। यही लापरवाही कई बार बड़े हादसों की वजह बनती है।

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