21 जून 2026|हमीरपुर: बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र को नई दिशा देने का संदेश दिया। राठ कस्बे में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने 636.82 करोड़ रुपये की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था, जल संरक्षण और बुंदेलखंड के बदलते स्वरूप को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
सभा से पहले मुख्यमंत्री ने स्वामी ब्रह्मानंद की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया।
बुंदेलखंड की बदलती तस्वीर का किया जिक्र
अपने संबोधन की शुरुआत धार्मिक उद्घोषों के साथ करते हुए मुख्यमंत्री ने हमीरपुर और बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक क्षेत्र पानी की कमी, पलायन और अविकास जैसी समस्याओं से जूझ रहा था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुंदेलखंड में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी परियोजनाएं जमीन पर उतर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
‘अब पहचान का संकट नहीं’
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर सम्मान मिला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और महाकुंभ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश दोनों नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ता था, जबकि अब एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश और नई परियोजनाओं के कारण अवसरों का दायरा बढ़ा है।
रक्षा उत्पादन और एक्सप्रेसवे से बढ़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और रक्षा उत्पादन इकाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं रहा, बल्कि देश की जरूरतों को पूरा करने वाला राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय की जरूरत बताई
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद महाविद्यालय को भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्ताव आता है तो सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
जल संरक्षण को बताया सबसे बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा जल संरक्षण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि जून का महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन मानसून की गति अभी अपेक्षित नहीं है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को पानी की एक-एक बूंद बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों में पानी का अनावश्यक उपयोग न करें और खेती में आधुनिक एवं वैज्ञानिक सिंचाई तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना और क्षेत्र के जल संसाधनों को मजबूत करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
कानून-व्यवस्था और विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि अपराध और माफिया तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई के कारण निवेश और विकास का माहौल बना है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के कर से मिलने वाला धन अब बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनहितकारी कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से विकास की इस प्रक्रिया में सहभागी बनने और क्षेत्र को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बुंदेलखंड के लिए नए अवसरों का दौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) और अन्य निवेश परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। इससे युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि विकास, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी पहचाना जाएगा।







