लखनऊ, 01 मार्च 2026 (रविवार)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि होलिकोत्सव भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को सुदृढ़ करता है।
होली संदेश 2026: प्रेम, विश्वास और सकारात्मकता का उत्सव
मुख्यमंत्री ने अपने होली संदेश 2026 में स्पष्ट कहा कि यह पर्व केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि रिश्तों को फिर से रंगने का अवसर है। उन्होंने लोगों से हर्षोल्लास के साथ-साथ शालीनता और मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने विशेष रूप से अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। “होली का संदेश प्रेम, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। यह समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाला उत्सव है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
त्योहार के दौरान सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासनिक तैयारियों का भी जिक्र किया गया है। सरकार का जोर इस बात पर है कि रंगों की आड़ में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि को बढ़ावा न मिले।
उत्साह और शालीनता से मनाएं होली: केशव प्रसाद मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह रंगोत्सव सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है, जो जीवन में खुशियों के रंग भरता है।
मौर्य ने अपील की कि त्योहार परंपराओं के अनुरूप और उत्साह के साथ मनाया जाए, लेकिन ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। “होली समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला पर्व है,” उन्होंने कहा।
प्राकृतिक रंगों और जल संरक्षण का संदेश: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संदेश में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि होली प्राकृतिक रंगों से मनाएं और जल संरक्षण का संकल्प लें।
राज्यपाल ने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने सुरक्षित और आनंदमयी होली मनाने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार की असली सुंदरता आपसी प्रेम और भाईचारे में है।
त्योहार में छिपा सामाजिक संदेश
होली भारतीय समाज का ऐसा पर्व है जो भेदभाव की दीवारें तोड़ता है। रंगों की आड़ में लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते हैं। इस बार भी सरकार और जनप्रतिनिधियों का संदेश स्पष्ट है—उत्साह हो, लेकिन संयम भी हो; आनंद हो, लेकिन मर्यादा भी।
त्योहार की असली चमक तभी है जब हर घर में खुशियां पहुंचें और किसी के मन में कड़वाहट न रहे।









