लखनऊ, गुरुवार (05 फरवरी 2026)। उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी इंटरनेशनल फिल्म सिटी अब कागज़ से जमीन पर उतरती दिख रही है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित हो रही इस परियोजना में पहली शूटिंग ‘मॉम-2’ से शुरू होने जा रही है। यह वही सीक्वल है, जिसे निर्माता बोनी कपूर की टीम तैयार कर रही है। निर्माणाधीन परिसर में शूटिंग सेट की तैयारियां तेज़ हैं और अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी होते ही लगभग 20 दिनों में सेट तैयार कर लिया जाएगा।
सरकार और उद्योग—दोनों के लिए यह एक संकेत है कि यूपी का फिल्म इन्फ्रास्ट्रक्चर अब व्यवहारिक उपयोग की ओर बढ़ चुका है।
जॉइंट वेंचर की भूमिका और तैयारियों की टाइमलाइन
फिल्म सिटी परियोजना का विकास Bayview Bhutani Film City Private Limited कर रही है, जो बोनी कपूर और Bhutani Group का संयुक्त उद्यम है। कंपनी ने जमीन की मैपिंग शुरू कर दी है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि:
- मैपिंग पूर्ण होते ही 20 दिनों में शूटिंग सेट तैयार
- शूटिंग गतिविधियों के साथ निर्माण कार्य समानांतर शुरू
- प्रारंभिक चरण के लिए आवश्यक लेआउट को स्वीकृति मिल चुकी है
यीडा से एग्रीमेंट और सेक्टर-21 की लोकेशन एडवांटेज
यह फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के साथ हुए एग्रीमेंट के बाद सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। लोकेशन की सबसे बड़ी ताकत है—एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और पास में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर। इससे कलाकारों, तकनीशियनों और उपकरणों की आवाजाही आसान होगी, जो बड़े प्रोडक्शंस के लिए निर्णायक कारक माना जाता है।
‘मॉम’ की विरासत, ‘मॉम-2’ का यूपी कनेक्शन
2017 में रिलीज़ हुई फिल्म Mom को बोनी कपूर की कंपनी ने प्रोड्यूस किया था। अब इसके सीक्वल ‘मॉम-2’ की शूटिंग यूपी में करने का फैसला, उद्योग जगत में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय बताता है कि राज्य की फिल्म नीति, अनुमति प्रक्रियाएं और उभरता इन्फ्रास्ट्रक्चर—निर्माताओं के भरोसे पर खरे उतर रहे हैं।
“ड्रीम प्रोजेक्ट” को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लंबे समय से यूपी को फिल्म, ओटीटी और वेब-सीरीज़ निर्माण का केंद्र बनाने की बात करते रहे हैं। इंटरनेशनल फिल्म सिटी उसी विज़न का आधार स्तंभ है। परियोजना के औपचारिक शुभारंभ की तैयारी भी समानांतर चल रही है।
उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि औपचारिक उद्घाटन से पहले ही शूटिंग शुरू होना, किसी भी फिल्म हब के लिए ‘विश्वास का वोट’ जैसा होता है।
रोजगार, इकोसिस्टम और भविष्य की दिशा
फिल्म सिटी के चालू होते ही स्थानीय स्तर पर सेट डिज़ाइन, लाइटिंग, आर्ट, मेकअप, लॉजिस्टिक्स, केटरिंग, ट्रांसपोर्ट, पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ेंगे। दीर्घकाल में यह परियोजना:
- क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच देगी
- मुंबई के विकल्प के रूप में उभरेगी
- पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को गति देगी
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक स्टूडियो सुविधाएं यूपी को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शंस के लिए आकर्षक गंतव्य बना सकती हैं।










