लखनऊ|06 जून 2026: भारतीय हॉकी के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। जापान में आयोजित जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जापान को 4-1 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर एशियाई हॉकी में अपना दबदबा साबित किया।
भारतीय टीम की इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए इसे पूरे देश और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल, अनुशासन और समर्पण के बल पर मां भारती को गौरवान्वित किया है।
उत्तर प्रदेश के पांच खिलाड़ियों ने निभाई अहम भूमिका
इस ऐतिहासिक सफलता में उत्तर प्रदेश के पांच युवा खिलाड़ियों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। केतन कुशवाहा, शाहरुख अली, प्रह्लाद राजभर, राहुल यादव और रोमित पाल ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने भारतीय टीम को निर्णायक मुकाबलों में मजबूती प्रदान की। यही कारण रहा कि फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए जापान पर दबाव बनाए रखा और अंततः 4-1 से जीत दर्ज की।
सीएम योगी बोले- खिलाड़ियों ने राष्ट्र का गौरव बढ़ाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय हॉकी टीम ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपने कौशल और समर्पण से प्रदेश को विशेष सम्मान दिलाया है। मुख्यमंत्री ने टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी दल को भी इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय हॉकी की यह स्वर्णिम यात्रा आगे भी नई ऊंचाइयों को छूती रहे और विश्व मंच पर देश का नाम रोशन करती रहे।
चयन प्रक्रिया और कोचिंग स्टाफ की भूमिका भी रही अहम
इस उपलब्धि के पीछे खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग और चयन तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उत्तर प्रदेश के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रजनीश मिश्रा ने भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहते हुए खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने में योगदान दिया।
वहीं, हॉकी इंडिया के मुख्य चयनकर्ता और उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह के नेतृत्व में हुई चयन प्रक्रिया को भी इस सफलता का एक मजबूत आधार माना जा रहा है। खेल जगत के जानकारों का कहना है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही अवसर और बेहतर मार्गदर्शन मिलने का परिणाम आज पूरे देश के सामने है।
युवा हॉकी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनी जीत
जूनियर एशिया कप 2026 में भारत की यह जीत केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से उभर रही नई प्रतिभाओं को इस सफलता से आगे बढ़ने का नया उत्साह मिलेगा।
भारतीय हॉकी के सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ते कदमों के बीच यह जीत आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद भी जगाती है।











