लखनऊ/3 अक्टूबर 2026। गंगा के तट पर बसी काशी जल्द ही भारतीय वायुसेना के शौर्य और सामर्थ्य का अद्भुत नजारा देखेगी। नमो घाट पर एयर शो प्रस्तावित है और इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा कर अधिकारियों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
नमो घाट और गंगा के तटवर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन सिर्फ आसमान में विमानों के करतब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित रखने की होगी। यही वजह है कि प्रशासन ने अभी से जोन और सेक्टर के हिसाब से व्यवस्थाएं तैयार करने पर जोर दिया है।
नमो घाट पर एयर शो, 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित आयोजन
वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। 25 अक्टूबर को मुख्य समारोह आयोजित किए जाने की योजना है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी संभावित बताई गई है।
हालांकि, एयर शो के कार्यक्रम को लेकर तारीखों में आंशिक बदलाव की जानकारी भी सामने आई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पहले 22, 23 और 25 अक्टूबर का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन विधान परिषद चुनाव में मतदान के कारण 23 अक्टूबर का आयोजन अब 24 अक्टूबर को किए जाने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के अलावा वाराणसी के जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना मुख्यमंत्री के सामने रखी।
दर्शक दीर्घा से मीडिया एरीना तक तैयार होगा पूरा इंतजाम
बैठक में आयोजन स्थल पर प्रस्तावित दर्शक दीर्घाओं, ग्रैंड स्टैंड, वीआईपी और वीवीआईपी क्षेत्र, मीडिया एरीना, प्रवेश-निकास मार्ग और सुरक्षा जांच केंद्र समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
एयर शो देखने के लिए केवल नमो घाट ही नहीं, बल्कि गंगा के किनारे दूसरे क्षेत्रों में भी लोगों के जुटने की संभावना है। प्रशासन इसी को ध्यान में रखते हुए घाटों और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर प्रबंधन की तैयारी कर रहा है।
भीड़ बढ़ी तो यातायात व्यवस्था की होगी बड़ी परीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एयर शो को लेकर आम लोगों में काफी उत्सुकता है। बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए क्राउड मैनेजमेंट, यातायात संचालन, पार्किंग और जोनवार स्थल चिन्हांकन पहले से सुनिश्चित किया जाए।
दर्शकों के आवागमन के रास्ते स्पष्ट और सुगम रखने के साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है।
प्रत्येक सेक्टर में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ मजिस्ट्रेट की भी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के लिए चुनौती यह भी होगी कि एयर शो देखने आने वाली भीड़ के बीच काशी के सामान्य यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखा जाए।
घाटों पर भी रहेगी विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नमो घाट के अलावा काशी के प्रमुख घाटों और आसपास के इलाकों में भी संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अलग से योजना बनाई जाए। जल और थल मार्ग से होने वाले आवागमन को भी एकीकृत व्यवस्था के तहत संचालित करने पर जोर दिया गया है।
सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति में संबंधित विभाग बिना समय गंवाए एक-दूसरे के साथ समन्वय कर सकें।
मंडल के जिलों के बीच भी समन्वय पर जोर
एयर शो में आसपास के जिलों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वाराणसी मंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा है।
उन्होंने भारतीय वायुसेना, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को तय समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उद्देश्य साफ है—आयोजन देखने आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को भीड़ के बीच सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराया जाए।
गंगा किनारे काशी में होने वाला यह एयर शो इसलिए भी खास माना जा रहा है कि एक ओर आसमान में भारतीय वायुसेना के विमानों का प्रदर्शन होगा और दूसरी ओर सामने काशी के ऐतिहासिक घाट। इस अनोखे आयोजन को लेकर शहर में अभी से उत्सुकता दिखाई देने लगी है।








