वाराणसी, 28 अप्रैल 2026 (मंगलवार): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दो दिवसीय काशी दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं रहा, बल्कि यह शहर के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला बड़ा क्षण साबित हुआ। अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi में उन्होंने काशी विकास परियोजनाएं के तहत 6,332 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी नई ऊंचाई देगी।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)—को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही उन्होंने बरेका में आयोजित महिला सम्मेलन में नारी वंदन संशोधन विधेयक पर अपनी बात रखते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।
विकास की ठोस तस्वीर: आंकड़ों में काशी की नई उड़ान
इस दौरे में घोषित परियोजनाओं का दायरा बेहद व्यापक है। कुल 6,332.08 करोड़ रुपये की योजनाओं में से:
- 1,054.69 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण
- 5,277.39 करोड़ रुपये की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास
लोकार्पित परियोजनाओं में 308.09 करोड़ की लागत से बना एसटीपी, 144.43 करोड़ का कज्जाकपुरा आरओबी और सारनाथ स्थित सोवा रिग्पा मेडिकल कॉलेज प्रमुख हैं। वहीं शिलान्यास में मालवीय पुल के पास रेलवे रोड ब्रिज, नगरीय सीवरेज और जलापूर्ति योजनाएं तथा कबीरचौरा में मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
घाटों से लेकर गलियों तक: विरासत और पर्यटन को नया जीवन
काशी की पहचान उसके घाटों और आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ी है, और इस बार की योजनाओं में इसे विशेष प्राथमिकता दी गई। गंगा किनारे स्थित प्राचीन घाटों के जीर्णोद्धार और पर्यटन विकास के लिए 41.21 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
दशाश्वमेध घाट, जो शहर का सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध घाट है, उसके पुनर्विकास के लिए 827 लाख रुपये की योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही राजेंद्र प्रसाद, मान मंदिर और त्रिपुरा भैरवी घाटों का भी कायाकल्प होगा। इन परियोजनाओं से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि काशी का पर्यटन अनुभव भी अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा—हर क्षेत्र में संतुलित विकास
काशी विकास परियोजनाएं केवल धार्मिक या पर्यटन तक सीमित नहीं हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को भी समान महत्व दिया गया है।
- 30 गांवों में पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति
- नगर के 23 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और पुनर्विकास
- चोलापुर में 50 बेड का अस्पताल और रामनगर में वृद्धाश्रम
- Banaras Hindu University के ट्रामा सेंटर में रोबोटिक घुटना सर्जरी सुविधा
इसके अलावा खेल और ऊर्जा क्षेत्र में भी पहल की गई है, जैसे यूपी कॉलेज मैदान में सिंथेटिक हॉकी टर्फ और भेलूपुर में सोलर प्लांट की स्थापना।
शिलान्यास परियोजनाएं: भविष्य की मजबूत नींव
शिलान्यास की गई परियोजनाओं में शहर के दीर्घकालिक विकास की झलक साफ दिखाई देती है।
- नगर निगम भवन और एकीकृत मंडलीय कार्यालय
- 71 ग्रामीण सड़कों का निर्माण
- रामनगर क्षेत्र में पेयजल और सीवर नेटवर्क का विस्तार
- 100 बेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक और दीनदयाल अस्पताल का उन्नयन
इन योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान तैयार करना है।
राजनीतिक संदेश और सामाजिक संकेत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नारी वंदन विधेयक को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया। यह दौरा जहां विकास योजनाओं का मंच बना, वहीं राजनीतिक संदेश देने का भी माध्यम रहा।
निष्कर्ष: काशी के भविष्य की नई दिशा
काशी विकास परियोजनाएं सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं हैं, बल्कि यह उस शहर की कहानी है जो अपनी परंपरा को संभालते हुए आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है। घाटों की आध्यात्मिकता, गलियों की जीवंतता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर—इन सबका संगम काशी को एक वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।
यह साफ है कि यह दौरा काशी के लिए सिर्फ एक और सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास यात्रा की ठोस शुरुआत है।








