तिरुवनंतपुरम, Wed, 01 Apr 2026। चुनावी माहौल में सियासी बयानबाज़ी अक्सर तीखी हो जाती है, लेकिन इस बार केरल में राजनाथ सिंह के शब्दों ने बहस को और गर्म कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केरल के परवूर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए एलडीएफ और यूडीएफ पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि जिस राज्य को ‘God’s Own Country’ कहा जाता है, वहां अब “भगवान भी सुरक्षित नहीं हैं”—यह टिप्पणी सीधे तौर पर राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली थी।
केरल में राजनाथ सिंह का बड़ा आरोप
अपने भाषण में Rajnath Singh ने कहा कि केरल की राजनीति में एलडीएफ (Left Democratic Front) और यूडीएफ (United Democratic Front) के बीच जो प्रतिस्पर्धा दिखती है, वह केवल सतही है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “ये दोनों दल अलग-अलग झंडों के साथ सामने आते हैं, लेकिन उनकी सोच और नीयत एक जैसी है। वे भ्रष्टाचार के यार हैं।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनावी मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है और हर दल अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
सबरीमाला और भगवान अयप्पा का मुद्दा
सभा के दौरान रक्षा मंत्री ने Lord Ayyappa से जुड़े कथित सोना चोरी विवाद को भी उठाया।
उन्होंने एक प्रतीकात्मक तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह जुडास ने कुछ सिक्कों के लिए ईसा मसीह के साथ विश्वासघात किया था, उसी तरह एलडीएफ सरकार ने “सोने के लिए भगवान अयप्पा के साथ छल” किया है।
यह बयान धार्मिक आस्था और राजनीतिक आरोपों के मिश्रण के रूप में सामने आया, जिसने सभा में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की।
CBI जांच का वादा और विपक्ष पर निशाना
Rajnath Singh ने यह भी कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो सबरीमाला से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाएगी।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता आरोपियों के साथ खड़े नजर आए हैं।
उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी नैरेटिव के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा और कट्टरपंथ पर बयान
अपने भाषण के अंत में रक्षा मंत्री ने राज्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि एसडीपीआई और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों से केरल की रक्षा कौन करेगा।
उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा ही राज्य की सुरक्षा, संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रख सकती है।
परवूर सीट पर कड़ा मुकाबला
परवूर विधानसभा सीट इस बार खास चर्चा में है। यहां एनडीए उम्मीदवार वत्सला प्रसन्ना कुमारी के समर्थन में यह सभा आयोजित की गई थी।
इस सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन और एलडीएफ के ईटी टाइसन मास्टर जैसे दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
राजनाथ सिंह के इस दौरे और तीखे बयानों ने केरल की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि मतदाता इन आरोपों और वादों को किस नजर से देखते हैं।













