लखनऊ/16 सितंबर 2026: लखनऊ की बहुचर्चित सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप को पूरा कराने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के हाथों में देने और विकास कार्यों व देनदारियों के लिए 2,912 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। हालांकि, परियोजना के टेकओवर और आगे के संचालन का रास्ता अभी राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) के आदेश से होकर गुजरेगा।
करीब 5,000 होमबायर्स की नजर अब 23 सितंबर को होने वाली NCLT की सुनवाई पर है। कैबिनेट के फैसले के बाद LDA अब अधिकरण के समक्ष अपना प्रस्ताव और परियोजना को पूरा करने की कार्ययोजना रखेगा।
सुशांत गोल्फ सिटी पर LDA का क्या प्लान है?
अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Ansal API) की इस हाईटेक टाउनशिप में लंबे समय से कई विकास कार्य अधूरे हैं। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक स्वीकृत परियोजना को LDA टेकओवर करने का दावा NCLT के सामने पेश करेगा और टाउनशिप के शेष विकास कार्यों को पूरा कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
परियोजना की संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, अंतिम देनदारी कितनी होगी, यह कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान निर्धारित होगी। इसलिए 2,912 करोड़ रुपये को फिलहाल संभावित देनदारी और परियोजना के लिए प्रस्तावित वित्तीय सहायता के संदर्भ में देखना जरूरी है।
23 सितंबर को NCLT में सुनवाई, फैसले पर टिकी नजर
LDA के टेकओवर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव NCLT की सुनवाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को निर्धारित है। LDA कैबिनेट के निर्णय को अधिकरण के समक्ष रखते हुए परियोजना के संचालन और विकास की जिम्मेदारी लेने का अनुरोध करेगा।
LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, अधिकरण के आदेश के बाद ही परियोजना के संचालन का प्रारूप स्पष्ट होगा और उसके बाद विकास कार्यों को गति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
5,000 से अधिक खरीदारों को राहत की उम्मीद
सुशांत गोल्फ सिटी में लंबे समय से घर, फ्लैट, प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े खरीदार अपनी परियोजनाओं के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। कैबिनेट के फैसले से करीब 5,000 होमबायर्स को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।
टाउनशिप के अधूरे हिस्सों में सड़क, पेयजल, सीवर, ड्रेनेज, पार्क, रेलवे ओवरब्रिज और बिजली से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास का काम भी लंबित बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक इन शेष विकास कार्यों की अनुमानित लागत करीब 2,216.91 करोड़ रुपये है।
ऐसे में LDA के संभावित टेकओवर को केवल प्रशासनिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसका सीधा असर उन खरीदारों पर पड़ सकता है जिनका पैसा वर्षों से परियोजना में फंसा हुआ है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
सुशांत गोल्फ सिटी करीब 4,465 एकड़ में फैली हाईटेक टाउनशिप परियोजना है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत विकसित की जा रही थी और इसमें कई आवासीय तथा व्यावसायिक उप-परियोजनाएं शामिल हैं। NCLAT के रिकॉर्ड में भी सुशांत गोल्फ सिटी को 4,465 एकड़ में फैली हाईटेक टाउनशिप परियोजना के रूप में दर्ज किया गया है।
अंसल API के खिलाफ वित्तीय देनदारी से जुड़ी दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस परियोजना के भविष्य को लेकर खरीदारों की चिंता बढ़ी। NCLT ने 25 फरवरी 2025 को कंपनी के खिलाफ CIRP शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद होमबायर्स ने इस प्रक्रिया को चुनौती दी और सुशांत गोल्फ सिटी को अलग रखते हुए परियोजना के हितों की रक्षा की मांग की।
NCLAT और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
मामला आगे NCLAT पहुंचा। अपीलीय अधिकरण ने LDA को NCLT के समक्ष अपना पक्ष रखने का रास्ता दिया। इसके बाद इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने NCLAT के निर्देश को बरकरार रखा। अब LDA के लिए NCLT के सामने अपना प्रस्ताव रखने का रास्ता साफ हुआ है।
यही वजह है कि अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी परियोजना का वास्तविक नियंत्रण और आगे की प्रक्रिया NCLT के आदेश पर निर्भर है।
टाउनशिप पूरी होने पर क्या बदलेगा?
LDA के प्रस्ताव के अमल में आने और NCLT की मंजूरी मिलने के बाद टाउनशिप में लंबित अवस्थापना कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। इससे खरीदारों को उनके घर और प्लॉट मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही सड़क, जलापूर्ति, सीवर, ड्रेनेज, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अधूरे काम पूरे करने पर भी जोर रहेगा। सरकार का प्रस्ताव परियोजना को पूरा करने के साथ भूमि और सार्वजनिक हित से जुड़े पहलुओं की सुरक्षा पर भी केंद्रित है।
फिलहाल गेंद NCLT के पाले में है। 23 सितंबर की सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि उसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि LDA किस प्रारूप में सुशांत गोल्फ सिटी का संचालन और विकास अपने हाथ में ले सकेगा।









