गोरखपुर/16 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया। गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। इनमें अकेले 77 हजार भर्तियां पुलिस और होमगार्ड विभाग में होंगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
गोरखपुर में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत वाली 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए योगी ने कहा कि विकास के लिए कानून का राज और सुरक्षित माहौल जरूरी है। उन्होंने सामाजिक एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने से विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
अगले छह महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि इसमें 77 हजार पद पुलिस और होमगार्ड विभाग से संबंधित होंगे और भर्ती अभियान की शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में भर्तियां पारदर्शी तरीके से की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बुधवार को ही बेसिक, माध्यमिक और अन्य विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकारी नौकरियों के अलावा उन्होंने गोरखपुर में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को भी रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा।
पुलिस और होमगार्ड में 77 हजार पद
एक लाख सरकारी नौकरियों के प्रस्तावित लक्ष्य में पुलिस और होमगार्ड विभाग की 77 हजार भर्तियां खास तौर पर उल्लेखनीय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 सितंबर से भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत होगी।
सरकार की ओर से अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं और पदों की विस्तृत अधिसूचनाओं में पात्रता, पदवार संख्या, आवेदन की अंतिम तिथि और परीक्षा कार्यक्रम जैसी जानकारी दी जाएगी। युवाओं के लिए ऐसे में आधिकारिक भर्ती विज्ञापन को ही अंतिम आधार मानना महत्वपूर्ण होगा।
पेंशन की राशि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का भी ऐलान
मुख्यमंत्री ने वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1 करोड़ 10 लाख वृद्धजन, निराश्रित महिलाएं और दिव्यांगजन सालाना 12 हजार रुपये की पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि जल्द ही पेंशन की राशि और लाभार्थियों की संख्या दोनों बढ़ाई जाएगी। हालांकि, नई राशि और बढ़ाए जाने वाले लाभार्थियों की संख्या का विस्तृत विवरण उन्होंने कार्यक्रम में नहीं दिया।
गोरखपुर को 40 करोड़ की 119 परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री बुधवार को गोरखपुर के वार्ड नंबर-53 उर्वरक नगर के अंतर्गत जंगल नकहा नंबर-2 में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने नवनिर्मित कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया। इसके साथ ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA), ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नगर निगम की करीब 40 करोड़ रुपये की 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी शहर या गांव में नागरिकों के जीवन स्तर का अंदाजा वहां उपलब्ध विकास और जनोपयोगी सुविधाओं से लगाया जा सकता है। इसके लिए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का बेहतर वातावरण जरूरी है।
यूपी अब ग्रोथ इंजन बनने की ओर: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के साथ हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अब बीमारू राज्य की पहचान से आगे निकल चुका है और देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और नए कल-कारखानों की स्थापना से उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले खराब कानून-व्यवस्था और अराजकता के कारण बाहरी निवेशक प्रदेश में आने से बचते थे, जबकि अब निवेश और उद्योग के लिए माहौल बदला है।
गोरखपुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गीडा में करीब 500 कारखाने लगे हैं और इससे लगभग 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने इसे पूर्वांचल से होने वाले रोजगार के लिए पलायन में कमी से भी जोड़ा।
समाज को बांटने वालों से सावधान रहने की अपील
योगी ने कहा कि विकास और जनकल्याण से सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए सामाजिक एकजुटता जरूरी है। उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यदि समाज में विभाजन बढ़ता है तो कर्फ्यू, दंगे, अराजकता और असुरक्षा जैसी स्थितियां फिर पैदा हो सकती हैं। उन्होंने विकास के लिए कानून का राज और सामाजिक शांति को महत्वपूर्ण आधार बताया।
इंसेफेलाइटिस से लेकर रामगढ़ताल तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस के खिलाफ किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद सरकार ने लंबे समय से चली आ रही इंसेफेलाइटिस की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया और दो वर्ष में 40 वर्ष पुरानी बीमारी को समाप्त करने का काम किया।
उन्होंने गोरखपुर के बंद पड़े खाद कारखाने के दोबारा संचालन, फोरलेन सड़कों, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और एम्स की स्थापना का भी उल्लेख किया। रामगढ़ताल के विकास को उन्होंने पर्यटन और शहर की बदलती तस्वीर का उदाहरण बताया।
7 अक्टूबर से लगेगा विशेष शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभ से यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी कारण से वंचित रह गया है तो उसे भी योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर से एक सप्ताह तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किया जाएगा।
इन शिविरों में आवास, शौचालय, राशन, रसोई गैस, बेटियों की पढ़ाई और विवाह सहित विभिन्न योजनाओं से पात्र लोगों को जोड़ने पर जोर रहेगा।
300 लोगों की क्षमता वाला कल्याण मंडपम तैयार
जंगल नकहा नंबर-2 में बने कल्याण मंडपम का निर्माण 2,461 वर्गमीटर भूमि पर 3.09 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। दो मंजिला इस भवन में एक साथ करीब 300 लोगों के आयोजन की क्षमता है।
परिसर में मुख्य हॉल के साथ किचन, स्टोर, कार्यालय, चेंज रूम और महिलाओं तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। भवन के सामने फव्वारा और परिसर में लॉन विकसित किया गया है। वाहनों के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स से पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
कल्याण मंडपम में लोगों को मांगलिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए रियायती दर पर सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
नगर निगम के 115 कार्यों का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम के 28.91 करोड़ रुपये की लागत वाले 115 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं विभिन्न कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 11.04 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले चार कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें GDA की ओर से निर्मित कल्याण मंडपम तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कराए गए सड़क और नाली निर्माण के तीन कार्य शामिल हैं।
कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद परिसर का निरीक्षण किया और सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने परिसर में मौलश्री का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
गोरखपुर के इस कार्यक्रम में सरकार ने जहां एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य सामने रखा, वहीं जिला स्तर पर विकास और जनोपयोगी सुविधाओं के विस्तार की तस्वीर भी पेश की। युवाओं के लिए अब अगली महत्वपूर्ण कड़ी भर्ती विज्ञापनों और उनकी निर्धारित चयन प्रक्रियाओं की होगी।










