लखनऊ/12 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को उनके तप, त्याग और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया। इस मौके पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर अपनी सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों का सामना करने वाला प्रदेश अब महिलाओं के सामर्थ्य की नई पहचान बना है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान महिला सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महिला सुरक्षा उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति की भूमिका पर बोले योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी का तप और संकल्प यह सीख देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
सीएम योगी के अनुसार, मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने प्रदेश में महिला सुरक्षा के तंत्र को मजबूत करने में भूमिका निभाई है।
इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर पुलिस की पहुंच बढ़ाना, शिकायतों के प्रति जागरूकता पैदा करना और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में इन प्रयासों का वास्तविक प्रभाव अपराध के आंकड़ों, शिकायतों के निस्तारण और महिलाओं की सुरक्षा संबंधी अनुभूति जैसे विभिन्न मानकों से भी आंका जाता है।
यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक महिला कर्मियों का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था के साथ प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।
महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी का महत्व केवल संख्या तक सीमित नहीं है। पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की मौजूदगी से महिला शिकायतकर्ताओं को अपनी बात रखने में सहूलियत मिल सकती है। महिला बीट पुलिसिंग और स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता भी सुरक्षा संबंधी शिकायतों तक पहुंच बनाने में उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, महिला पुलिसकर्मियों की संख्या और आरक्षण से संबंधित इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के नवीनतम आंकड़ों को देखना जरूरी है।
तीन महिला PAC बटालियनों का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने प्रदेश में महिलाओं के नाम पर गठित तीन महिला प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) बटालियनों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन बटालियनों के नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखे गए हैं।
इन नामों के जरिए प्रदेश की ऐतिहासिक वीरांगनाओं के योगदान को सम्मान देने का संदेश भी सामने आता है। महिला बलों की स्थापना और उनमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल को पुलिस सेवाओं में महिलाओं के लिए अवसरों के विस्तार के संदर्भ में देखा जा सकता है।
‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार नारी सुरक्षा से नारी सशक्तीकरण तक की यात्रा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने इसे ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प से जोड़ते हुए महिलाओं के लिए सुरक्षित और अवसरों से भरपूर वातावरण तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई।
महिला सशक्तीकरण का व्यापक अर्थ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार, आर्थिक भागीदारी और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने से भी जुड़ा है। ऐसे में सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन उनके क्रियान्वयन और महिलाओं को मिलने वाले वास्तविक लाभ के आधार पर किया जाना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: शारदीय नवरात्रि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा उत्तर प्रदेश को लेकर अपनी सरकार की पहलों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। मिशन शक्ति, महिला बीट पुलिसिंग, महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या और महिला PAC बटालियनों का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराया।









