मेरठ | 22 फरवरी 2026 (रविवार): ऐतिहासिक परिवहन परियोजनाओं के उद्घाटन के बीच मेरठ की धरती रविवार को राजनीतिक तापमान से भी तपती दिखी। मेरठ जनसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो विकास के मुद्दे पर मुकाबला करें, “जहरीली और गंदी राजनीति” छोड़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दिल्ली-सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया। इसके बाद मोहीउद्दीनपुर में आयोजित विशाल जनसभा में उन्होंने विपक्षी दलों पर खुलकर निशाना साधा।
🚄 विकास बनाम “जहरीली राजनीति”
सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा,
“मैंने कांग्रेस, सपा और बसपा से कहा था कि अपनी जहरीली राजनीति छोड़िए और आइए विकास के मुद्दे पर मुकाबला करिए। लेकिन उन्होंने अपनी राजनीति नहीं बदली। भाजपा ने हमेशा विकास को सर्वोपरि रखा है।”
उन्होंने मेट्रो विस्तार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 2014 से पहले देश में केवल चार-पांच शहरों में मेट्रो सेवा थी, जबकि आज 25 से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का जीवन इस परियोजना से बदलेगा। अब एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल का संचालन होगा—जो तकनीकी और संरचनात्मक दृष्टि से एक अनूठा मॉडल है।
“पहले प्रोजेक्ट घोटालों में गुम हो जाते थे”
प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं घोटालों में उलझ जाती थीं और तकनीक विदेशों से आयात करनी पड़ती थी।
उन्होंने कहा,
“हमने घोटाले बंद किए, देश को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया। आज भारत खुद आधुनिक तकनीक विकसित कर रहा है।”
यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर हमला था, जिसे उन्होंने विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।
“देश को बदनाम करने में जुटी कांग्रेस”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं को उनसे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश की छवि को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि राजनीतिक आलोचना को “मोदी बनाम विपक्ष” की हेडलाइन बनाकर प्रस्तुत न किया जाए, बल्कि तथ्यों के आधार पर चर्चा हो।
सभा में उन्होंने कहा,
“पाप कांग्रेस करती है, भुगतना साथियों को पड़ता है।”
ऐतिहासिक दिन, दोहरी सौगात
राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिन का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू रहा—परिवहन क्रांति की शुरुआत।
सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) तक 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर के पूर्ण संचालन के साथ अब यह दूरी लगभग 55 मिनट में तय की जा सकेगी। मेरठ मेट्रो का 21 किमी विस्तारित खंड भी जनता के लिए खोल दिया गया।
यह देश का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा विकसित किया गया है।
राजनीतिक संदेश और विकास का मंच
मेरठ की जनसभा केवल उद्घाटन समारोह नहीं थी; यह 2026 के राजनीतिक परिदृश्य में एक स्पष्ट संदेश भी थी। प्रधानमंत्री ने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भरता को अपनी सरकार की उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि विपक्ष पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाया।
सभा में मौजूद भीड़, नारे और उत्साह इस बात का संकेत दे रहे थे कि पश्चिमी यूपी की राजनीति में यह दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
निष्कर्ष
मेरठ जनसभा में पीएम मोदी का भाषण विकास बनाम विपक्षी राजनीति की बहस को और तेज कर गया है। एक ओर 82 किलोमीटर का आधुनिक रैपिड रेल नेटवर्क और मेट्रो की सौगात, तो दूसरी ओर तीखे राजनीतिक तीर—रविवार का दिन मेरठ के लिए दोहरी वजह से ऐतिहासिक बन गया।









