लखनऊ, 21 फरवरी 2026 (शनिवार)। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत और भरोसे का संदेश लेकर आया। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने फसल बीमा योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खरीफ-2025) और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को क्षतिपूर्ति राशि के चेक वितरित किए।
मंच से जब किसानों और उनके परिवारों के नाम पुकारे गए, तो कई चेहरों पर महीनों की चिंता के बाद सुकून साफ झलक रहा था। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए यह आर्थिक सहायता सिर्फ रकम नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में सरकार के साथ खड़े होने का संकेत भी है।
इन किसानों को मिला फसल बीमा का लाभ
मुख्यमंत्री ने स्वयं कई किसानों को चेक सौंपे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत:
- हरदोई के गोकर्ण को ₹2.11 लाख
- हमीरपुर के मोहन लाल को ₹1.72 लाख
- एटा की विनीता देवी को ₹1.17 लाख
- जालौन के शिवम राजावत को ₹1.03 लाख
- कन्नौज की सुशीला सिंह को ₹88 हजार
ये भुगतान खरीफ-2025 के दौरान फसल क्षति के आकलन के बाद किए गए। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा या अन्य विपरीत परिस्थितियों से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
कृषि यंत्रीकरण के तहत अनुदान
कार्यक्रम में केवल बीमा भुगतान ही नहीं, बल्कि कृषि आधुनिकीकरण को भी बढ़ावा दिया गया। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत:
- रायबरेली के कुलदीप मौर्य को एग्रीग्रेटर के रूप में ₹32 लाख
- लखनऊ के दीपचंद्र को सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) के लिए ₹22.33 लाख
- लखनऊ के मटरू प्रसाद को ₹4 लाख
- एफएमबी (फार्म मशीनरी बैंक) हेतु रायबरेली के कृपाशंकर शुक्ल और सीतापुर के अखिलेश तिवारी को ₹8-8 लाख
विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि यंत्रीकरण से उत्पादन लागत कम होती है और किसानों की आय में वृद्धि की संभावना बढ़ती है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत या दिव्यांग हुए किसानों के आश्रितों को आर्थिक सहयोग दिया जाता है।
इस अवसर पर:
- रायबरेली की प्रीति
- सीतापुर की रागिनी वर्मा
- उन्नाव की शगुना
- लखनऊ की इंदरानी और ऊषा
को ₹5-5 लाख की क्षतिपूर्ति राशि के चेक प्रदान किए गए।
यह राशि उन परिवारों के लिए जीवनयापन का सहारा है, जिन्होंने अपने घर के कमाऊ सदस्य को खोया है।
युवा आपदा मित्रों को जीवन बीमा सुरक्षा
कार्यक्रम में समाज सेवा और आपदा प्रबंधन से जुड़े युवाओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने युवा आपदा मित्र—
- कौशलेंद्र कुमार सिंह (लखनऊ)
- महक श्रीवास्तव (लखीमपुर खीरी)
- हज्र फातिमा (लखीमपुर खीरी)
- सुखमन कौर (लखीमपुर खीरी)
- शोभित कुमार चौहान (लखीमपुर खीरी)
को ₹5-5 लाख की जीवन बीमा पॉलिसी प्रदान की।
यह पहल दर्शाती है कि सरकार आपदा के समय अग्रिम पंक्ति में खड़े युवाओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। मौसम की अनिश्चितता, बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि बीमा भुगतान समय पर और पारदर्शी तरीके से होता रहे, तो किसानों का संस्थागत योजनाओं पर भरोसा मजबूत होगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सीधा नकदी प्रवाह सुनिश्चित करता है।
निष्कर्ष
लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम केवल चेक वितरण का औपचारिक आयोजन नहीं था। यह संदेश था कि कठिन समय में किसान अकेला नहीं है। फसल बीमा योजना और दुर्घटना कल्याण योजनाओं के जरिए सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की है कि खेती से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए संस्थागत सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले सीजन में कितनी तेजी और पारदर्शिता से लाभार्थियों तक सहायता पहुंचती है।








