मीरजापुर, 08 जुलाई 2026। विंध्य क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मीरजापुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद अष्टभुजा डाक बंगले में आयोजित बैठक में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही के जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ क्षेत्र की प्रमुख विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकास योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
15 जुलाई तक प्रस्ताव, 15 अगस्त तक धनराशि जारी करने का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा देते हुए निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों से विकास कार्यों के प्रस्ताव 15 जुलाई तक शासन को भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्ताव समय पर पहुंचते हैं तो 15 अगस्त तक संबंधित परियोजनाओं के लिए धनराशि अवमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने सांसदों और जनप्रतिनिधियों से भी समन्वय बनाकर प्राथमिकता वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
सड़क, सेतु, बाईपास और लॉजिस्टिक रोड परियोजनाओं पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, यूडीआर-एमडीआर सड़कें, सेतु निर्माण, धर्मार्थ परियोजनाएं, बाईपास और लॉजिस्टिक रोड जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करना ही विकास की वास्तविक पहचान है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित परियोजनाओं की बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और विकास कार्यों की गति में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
मतवार रोड समेत जर्जर सड़कों के सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीरजापुर के वर्षों पुराने और जर्जर हो चुके मतवार रोड सहित अन्य सड़कों की मरम्मत और इंटरलॉकिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए वन विभाग को स्थानीय स्तर पर आवश्यक एनओसी शीघ्र जारी करने को कहा गया, ताकि निर्माण कार्य बिना विलंब शुरू हो सके।
उन्होंने कहा कि शहर की सड़कें साफ, व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप में विकसित होनी चाहिए, जिससे मीरजापुर की पहचान एक विकसित नगर के रूप में मजबूत हो।
विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मुख्यमंत्री ने विंध्याचल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने विंध्याचल, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों के सुंदरीकरण, साफ-सफाई, अतिक्रमण नियंत्रण और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विंध्यधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को हर स्तर पर सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है।
रेलवे अंडरपास में जलभराव का निकलेगा स्थायी समाधान
समीक्षा बैठक के दौरान बरसात में रेलवे अंडरपास में होने वाले जलभराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।
समयबद्ध विकास पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता तक उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही के साथ काम करने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि विकास की असली पहचान तभी होगी, जब उसका प्रभाव गांव, शहर और आम नागरिक के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।









