लखनऊ/13 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा के साथ खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। प्रदेश के 42 जिलों में निर्माणाधीन 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में अब मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके लिए विद्यालय परिसरों में पहले से उपलब्ध रिक्त भूमि का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार की इस पहल से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने मिनी स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं को सौंप दी है। साथ ही निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने, गुणवत्ता बनाए रखने और प्रगति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में 3 से 5 एकड़ भूमि पर बनेंगे मिनी स्टेडियम
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, इन विद्यालयों के परिसरों में उपलब्ध करीब तीन से पांच एकड़ भूमि का उपयोग मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए किया जाएगा। विभाग ने इस संबंध में 16 जुलाई को शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन कर जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं।
इन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण प्रदेश के 42 जिलों की प्रथम और द्वितीय तहसीलों में कराया जा रहा है। आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बांदा, बरेली, एटा, हाथरस, जालौन, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, मेरठ और रामपुर समेत अन्य जिलों में यह योजना आगे बढ़ रही है।
विद्यालय परिसरों में खेल सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को खेल अभ्यास के लिए अलग स्थान मिलेगा। खासतौर पर उन क्षेत्रों में इसका महत्व अधिक है, जहां बच्चों को नियमित खेल प्रशिक्षण के लिए दूर जाना पड़ता है।
छह कार्यदायी संस्थाओं को मिली निर्माण की जिम्मेदारी
52 मिनी स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी छह अलग-अलग संस्थाओं को दी गई है। विभाग के अनुसार—
- उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को 26 मिनी स्टेडियम बनाने की जिम्मेदारी मिली है।
- कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उप्र जल निगम) 14 मिनी स्टेडियम बनाएगा।
- आवास एवं विकास परिषद पांच मिनी स्टेडियम का निर्माण कराएगा।
- उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड को दो की जिम्मेदारी दी गई है।
- लोक निर्माण विभाग तीन मिनी स्टेडियम बनाएगा।
- उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड दो मिनी स्टेडियम का निर्माण करेगा।
इस तरह सभी 52 मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं। विभाग स्तर पर निर्माण की प्रगति की प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
26 जिलों में बनेंगे नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय
मिनी स्टेडियमों के साथ ही मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तीसरे चरण को भी विस्तार दिया गया है। सरकार ने 26 जिलों की तृतीय तहसील में एक-एक नए विद्यालय के निर्माण को मंजूरी दी है।
इन जिलों में अलीगढ़, एटा, हाथरस, अंबेडकरनगर, गोंडा, कानपुर नगर, बस्ती, बरेली, हरदोई, बाराबंकी, कुशीनगर, आजमगढ़, मीरजापुर, सीतापुर, बलिया, रायबरेली, शाहजहांपुर, उन्नाव, भदोही, प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, कौशांबी, जालौन, बांदा और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।
नए विद्यालयों के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, आवास एवं विकास परिषद, समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड और उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है।
पढ़ाई के साथ खेल पर भी जोर
सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य विद्यालयों को केवल कक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में मिनी स्टेडियम बनने से बच्चों को स्थानीय स्तर पर खेल का मैदान और अभ्यास की सुविधा मिल सकेगी। आने वाले समय में यही मैदान कई उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए शुरुआती मंच साबित हो सकते हैं।











