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मुजफ्फरनगर में मोरना चीनी मिल विस्तार को ₹261.91 करोड़ की मंजूरी, किसानों को समयबद्ध भुगतान और रोजगार की राह

On: February 4, 2026
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मुजफ्फरनगर में मोरना चीनी मिल विस्तार को ₹261.91 करोड़ की मंजूरी
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बुधवार, 04 फरवरी 2026 (लखनऊ): योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने मोरना (मुजफ्फरनगर) स्थित द गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण के लिए ₹261.91 करोड़ की स्वीकृति पर आभार जताया। यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है—जहां अक्सर पेराई की सीमित क्षमता के कारण भुगतान में देरी और लंबी कतारें समस्या बनती रही हैं।

मलिक ने कहा कि परियोजना का पहला चरण मिल की पेराई क्षमता को 2500 टीसीडी (टन क्रशिंग पर डे) से बढ़ाकर 3500 टीसीडी तक ले जाएगा, जबकि आगामी चरण में इसे 5000 टीसीडी तक पहुंचाने की योजना है। क्षमता बढ़ने का सीधा अर्थ है—गन्ने की तेज निकासी, कम प्रतीक्षा, और भुगतान चक्र में गति।

किसानों के हित में ‘क्षमता + तकनीक’ का मॉडल

मुलाकात में यह भी रेखांकित किया गया कि विस्तार सिर्फ मशीनें जोड़ने का काम नहीं है, बल्कि प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाकर दक्षता बढ़ाने का प्रयास है। उन्नत उपकरण, बेहतर कन्वेयर सिस्टम, और नियंत्रण कक्ष की आधुनिक निगरानी व्यवस्था मिल संचालन को अधिक सुचारु बनाएगी। इससे सीजन के दौरान ‘पीक लोड’ संभालना आसान होगा और गन्ने की गुणवत्ता भी बेहतर संरक्षित रह सकेगी।

मलिक ने कहा, “यह निर्णय स्पष्ट करता है कि सरकार किसानों की आय, समयबद्ध गन्ना भुगतान और कृषि-आधारित उद्योगों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।” उनके अनुसार, तेज पेराई से किसानों को बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत घटेगी और परिवहन लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बल

क्षमता विस्तार के साथ तकनीकी उन्नयन से स्थानीय स्तर पर कुशल और अकुशल—दोनों तरह के रोजगार अवसर बढ़ने की उम्मीद है। मिल से जुड़े परिवहन, मरम्मत, सप्लाई और सहायक सेवाओं में भी गतिविधि तेज होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिसका असर आसपास के बाजारों और सेवाओं पर दिखाई देगा।

परियोजना में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर है, ताकि उत्पादन बढ़े पर पर्यावरणीय दबाव न बढ़े। यह पहल आधुनिक औद्योगिक मानकों के अनुरूप मिल संचालन की दिशा में कदम मानी जा रही है।

पश्चिमी यूपी के गन्ना क्षेत्र के लिए संकेत

मोरना क्षेत्र की यह पहल पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए संकेत मानी जा रही है कि चीनी मिलों के आधुनिकीकरण से भुगतान चक्र और संचालन दक्षता में ठोस सुधार संभव है। लंबे समय से लंबित देयों और सीजनल दबाव जैसी चुनौतियों से जूझते किसानों के लिए यह फैसला भरोसा बढ़ाने वाला है।

मलिक ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गन्ना क्षेत्र में ऐसी पहलें आगे भी जारी रहेंगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान, बेहतर बुनियादी ढांचा और आधुनिक औद्योगिक सहयोग मिलता रहे।

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