नई दिल्ली/8 अक्टूबर 2026: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने हिंदी और मराठी सिनेमा जगत को स्तब्ध कर दिया है। 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हुआ। गोवा स्थित आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की। अस्पताल की ओर से उनकी मौत की पुष्टि की गई।
नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने नाना को याद करते हुए उनके फिल्मी सफर और व्यक्तित्व को उन्हीं की फिल्मों के नामों से जोड़ दिया। तिरंगा, परिंदा, प्रहार और क्रांतिवीर जैसे शब्दों के जरिए प्रधानमंत्री ने अभिनेता की देशभक्ति, स्वतंत्र सोच और सामाजिक सरोकारों का उल्लेख किया।
नाना पाटेकर को पीएम मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने कहा कि नाना का जीवन तिरंगे की आन, बान और शान के लिए समर्पित रहा।
पीएम मोदी ने नाना के व्यक्तित्व को एक आजाद परिंदे से जोड़ते हुए कहा कि वह बंधनों में नहीं रहे और फिल्मों के आसमान में अपनी अलग उड़ान भरते रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनके सिनेमा में सामाजिक अव्यवस्था पर किए गए प्रहार और बुराइयों के खिलाफ उनके संघर्ष को रेखांकित किया।
मोदी ने कहा कि नाना एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के खिलाफ काम किया। उन्होंने अभिनेता की संवाद अदायगी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई।
फिल्मों के नामों से बनी श्रद्धांजलि की पूरी तस्वीर
पीएम मोदी के शब्दों में नाना पाटेकर की फिल्मों की छाप साफ दिखाई दी। तिरंगा, परिंदा, प्रहार और क्रांतिवीर जैसी फिल्मों के नामों से जुड़े शब्दों को उन्होंने नाना के व्यक्तित्व और उनके सिनेमा से जोड़कर पेश किया।
नाना पाटेकर की खासियत भी कुछ ऐसी ही रही। पर्दे पर उनका अभिनय अक्सर सिर्फ संवाद बोलने तक सीमित नहीं रहता था। उनकी आवाज, चेहरे के भाव और कई बार उनका मौन भी कहानी का हिस्सा बन जाता था। यही वजह है कि उनके निभाए कई किरदार लंबे समय तक दर्शकों की स्मृति में बने रहे।
प्रधानमंत्री ने भी इसी प्रभाव की ओर इशारा करते हुए उनकी तीखी आवाज और प्रभावशाली खामोशी, दोनों को याद किया।
सुबह गोवा में हुआ निधन
नाना पाटेकर को गुरुवार तड़के गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर अस्वस्थ पाया गया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक करीब 45 मिनट तक उन्हें रिवाइव करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने के बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया भी की गई।
नाना पाटेकर की आखिरी विदाई पुणे में
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस में किए जाने की जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की घोषणा भी की गई है।
नाना पाटेकर का जाना सिर्फ एक अभिनेता का चले जाना नहीं है। उनकी आवाज और अभिनय की वह विशिष्ट शैली, जिसने दशकों तक पर्दे पर अलग असर पैदा किया, अब स्मृतियों का हिस्सा है। उनके किरदार, संवाद और फिल्मों की वह दुनिया आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी सबसे बड़ी विरासत बनी रहेगी।













