बलरामपुर/रविवार, 11 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्र के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर से नारी सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा का संदेश दिया। उन्होंने नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई और उपहार भेंट किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ही रामराज्य की मूल भावना है। जिस समाज में महिलाएं सुरक्षित हों, उन्हें बराबरी के अवसर मिलें और वे स्वावलंबी बनें, वहीं रामराज्य की परिकल्पना सार्थक हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्टडी टेबल और शिक्षण सामग्री वितरित की गई। खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विराट किसान मेले का शुभारंभ करने के साथ किसानों को कृषि यंत्र भी प्रदान किए। समारोह में महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, खेल और कृषि विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया गया।
नारी सशक्तीकरण से ही साकार होगा रामराज्य: CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां भगवती की आराधना तभी सार्थक होगी, जब समाज की प्रत्येक महिला की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की उपासना की लंबी परंपरा रही है। इस भावना को सामाजिक जीवन में उतारने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर देना जरूरी है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए विजयदशमी पर भगवान श्रीराम के विजय उत्सव को उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री का कहना था कि समाज में महिलाओं को सम्मान देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने से ही समावेशी विकास का रास्ता मजबूत होगा।
हर पांचवीं बेटी छोड़ देती थी पढ़ाई, शिक्षा सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले स्कूल जाने वाली हर पांचवीं बेटी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। उनके अनुसार, विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी इसकी एक वजह थी।
सीएम योगी ने कहा कि उस समय कई बच्चे बिना जूतों के स्कूल जाते थे और सर्दियों में अनेक विद्यार्थियों के पास स्वेटर तक नहीं होते थे। सरकार ने विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर और दूसरी आवश्यक सुविधाओं को बढ़ाने पर काम किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ स्कूली बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी का भी जिक्र किया। सरकार का घोषित लक्ष्य है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने।
‘शिक्षा की उड़ान’ से विद्यार्थियों को मिली पढ़ाई की नई सामग्री
बलरामपुर में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल का मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर की छात्राओं गायत्री, प्रिया और जयश्री ने मुख्यमंत्री को ग्रीटिंग कार्ड, पुष्पगुच्छ, स्वरचित कविता और पुस्तक भेंट की। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने और उनमें आगे बढ़ने का उत्साह पैदा करने से जुड़ा है।
पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन मिलने से खासकर उन बच्चों को मदद मिल सकती है, जिनके परिवारों के पास घर में अलग अध्ययन स्थान या आवश्यक सामग्री जुटाने के सीमित साधन हैं।
खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाली बालिकाएं सम्मानित
समारोह में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार और ट्रैकसूट देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित खिलाड़ियों में लंबी कूद में प्रथम स्थान हासिल करने वाली कंचन, जूडो में रजत पदक विजेता प्राची जैन और कांस्य पदक विजेता संध्या यादव व ममता शामिल रहीं। ताइक्वांडो में उपलब्धि हासिल करने वाली पलक शुक्ला और अनाया गुप्ता समेत अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बालिकाओं की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। खेलों में भागीदारी से छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और नए अवसर हासिल करने का मंच मिलता है।
आवास और उज्ज्वला योजना का जिक्र, महिलाओं के अधिकारों पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने आवास योजनाओं में महिलाओं को मालिकाना अधिकार देने और उज्ज्वला योजना के तहत उनके नाम पर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का उल्लेख किया।
उन्होंने प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण को महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके अलावा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन पेंशन योजनाओं के तहत करीब 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इस आंकड़े और योजना-वार लाभार्थियों की संख्या को प्रकाशन से पहले संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापित किया जाना चाहिए।
किसान मेले में कृषि यंत्र वितरित, आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंदिर परिसर में आयोजित विराट किसान मेले और विभागीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का निरीक्षण किया।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत जगनारायण और मोतीलाल यादव को चाबियां सौंपी गईं। वहीं सर्वेश्वर मणि तिवारी, दिलीप कुमार और हरीश कुमार को पावर स्प्रेयर प्रदान किए गए।
सीएम योगी ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण और बेहतर सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल सकती है। उन्होंने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के पूरा होने और उसकी शाखाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
विकसित भारत के लिए अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब विकास योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, खेल और कृषि से जुड़ी योजनाओं को उन्होंने विकास की व्यापक प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, पल्टूराम, रामप्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल और जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, खिलाड़ी और किसान मौजूद रहे।
कन्या पूजन के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा, प्रतिभा और सुरक्षा को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि महिलाओं और बेटियों को सम्मान तथा अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक विकास का अहम हिस्सा है।








