राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

NHAI 1033 हेल्पलाइन में जुड़ेगा AI, अब कॉल करते ही ट्रेस हो सकेगी यात्री की लोकेशन

On: September 14, 2026
Follow Us:
NHAI 1033 हेल्पलाइन में जुड़ेगा AI
---Advertisement---

नई दिल्ली/14 सितंबर 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर के दौरान वाहन खराब हो जाए या कोई आपात स्थिति सामने आ जाए तो मदद के लिए NHAI 1033 हेल्पलाइन काफी अहम साबित होती है। अब इस सुविधा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़कर और आधुनिक बनाने की तैयारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल को संभालने से लेकर जरूरत के मुताबिक सहायता भेजने तक की प्रक्रिया अधिक तेज और तकनीक आधारित हो सकती है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, प्रस्तावित नेक्स्ट जेनरेशन हेल्पलाइन में कॉल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन वास्तविक समय में कैप्चर करने की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग भारतीय भाषाओं में बातचीत और कॉल प्रबंधन के लिए भी AI का इस्तेमाल किया जाएगा।

NHAI 1033 हेल्पलाइन में AI से क्या बदलेगा?

नई तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि सहायता मांगने वाले यात्री की स्थिति और लोकेशन को तेजी से समझने में सिस्टम मदद करेगा। आपात स्थिति में कई बार व्यक्ति सही स्थान बताने की स्थिति में नहीं होता। ऐसे में रियल टाइम लोकेशन कैप्चर होने से संबंधित टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

AI आधारित सिस्टम जरूरत के हिसाब से सबसे उपयुक्त एंबुलेंस, क्रेन या गश्ती वाहन की पहचान करने और उसे मौके पर भेजने में भी सहायता करेगा। यानी मदद मांगने के बाद केवल कॉल दर्ज करने तक प्रक्रिया सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उपलब्ध संसाधनों को घटनास्थल से जोड़ने का काम भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

बहुभाषी सुविधा भी इस व्यवस्था का अहम हिस्सा होगी। देशभर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों की भाषा अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में विभिन्न भारतीय भाषाओं में कॉल संभालने की क्षमता यात्रियों और हेल्पलाइन के बीच संवाद को आसान बना सकती है।

24 घंटे उपलब्ध है 1033 हेल्पलाइन

NHAI ने यात्रियों की सहायता के लिए 1033 हेल्पलाइन वर्ष 2018 में शुरू की थी। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों को कई तरह की मदद उपलब्ध कराई जाती है।

इसमें चिकित्सा आपात स्थिति, वाहन खराब होने पर सहायता, एंबुलेंस और क्रेन की जरूरत, गश्ती वाहनों से मदद तथा टोल प्लाजा और FASTag से संबंधित समस्याएं शामिल हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, यह हेल्पलाइन वर्तमान में 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है और रोजाना करीब 15,000 कॉल प्राप्त करती है। इतने बड़े नेटवर्क और कॉल वॉल्यूम को देखते हुए हेल्पलाइन में तकनीकी बदलाव का असर सीधे यात्रियों की सहायता व्यवस्था पर पड़ सकता है।

इंसानी भूमिका खत्म नहीं होगी

AI के इस्तेमाल का मतलब यह नहीं होगा कि आपातकालीन सहायता व्यवस्था पूरी तरह मशीनों के भरोसे छोड़ दी जाएगी। NHAI ने स्पष्ट किया है कि जहां परिस्थितियों को समझने, निर्णय लेने और मानवीय विवेक की जरूरत होगी, वहां मानव भूमिका बनी रहेगी।

यह पहल खास तौर पर उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकती है, जहां किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में कुछ ही मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। लोकेशन की त्वरित जानकारी और नजदीकी उपलब्ध संसाधन की पहचान से प्रतिक्रिया समय कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही नई प्रणाली यात्रियों को सड़क पर होने वाली घटनाओं और अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में समय पर जानकारी देने में भी सक्षम होगी। इससे किसी दुर्घटना, बाधा या अन्य घटना के दौरान यात्रियों को आगे के सफर को लेकर आवश्यक सलाह दी जा सकेगी।

IHMCL ने मांगे Expression of Interest

NHAI के अधीन काम करने वाली इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने नेक्स्ट जेनरेशन 1033 हेल्पलाइन और कॉल सेंटर के विकास के लिए Expression of Interest (EoI) आमंत्रित किया है।

इस प्रक्रिया में नई हेल्पलाइन के डिजाइन, विकास, तैनाती, संचालन और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। यानी प्रस्तावित बदलाव केवल मौजूदा कॉल सेंटर में AI जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी हेल्पलाइन प्रणाली को अगली पीढ़ी की तकनीक के अनुरूप तैयार करने की योजना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ते यातायात के बीच ऐसी तकनीक यात्रियों को समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। खासकर रात के समय, सुनसान हाईवे या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में यदि सिस्टम सही लोकेशन और उपलब्ध सहायता संसाधनों को तेजी से जोड़ पाता है, तो इसका सीधा फायदा सड़क यात्रियों को मिल सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now