लखनऊ | 19 फरवरी 2026 (गुरुवार): उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी-ड्रिवन (Technology-driven) राज्य बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीतियों के बीच, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में जल्द ही नोएडा एयरपोर्ट डेटा सेंटर के रूप में एक अत्याधुनिक हाइपरस्केल (Hyperscale) परियोजना आकार लेने जा रही है। बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग ₹400 करोड़ के निवेश से प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट प्रदेश की डिजिटल अवसंरचना (Digital Infrastructure) को नई मजबूती देने वाला साबित हो सकता है।
गुरुवार को यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह ने कंपनी को पांच एकड़ भूमि आवंटन का आधिकारिक पत्र सौंपा। प्रस्तावित डेटा सेंटर परिसर में दो स्वतंत्र लेकिन एकीकृत (Integrated) भवन बनाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 7000 सर्वर रैक की होगी। यह परियोजना भूमि हस्तांतरण के 18 माह के भीतर व्यावसायिक संचालन (Commercial Operations) शुरू करने के लक्ष्य के साथ तैयार की जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी नोएडा एयरपोर्ट डेटा सेंटर परियोजना का नेतृत्व कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के पूर्व छात्र करण गुप्ता करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing) और बिग डेटा स्टोरेज जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए एक मजबूत डिजिटल बैकबोन (Backbone) तैयार करेगा।
नोएडा एयरपोर्ट डेटा सेंटर से रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ विजन को गति देने में नोएडा एयरपोर्ट डेटा सेंटर अहम भूमिका निभा सकता है। इस परियोजना के पूर्ण संचालन के बाद लगभग 100 कुशल प्रोफेशनल्स को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही, स्टार्टअप्स, सरकारी एजेंसियों और डिजिटल सेवा प्रदाताओं को विश्वस्तरीय डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट स्थित होने से इस डेटा सेंटर को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, लो-लेटेंसी नेटवर्क और उच्च गति वाले फाइबर कनेक्टिविटी का स्वाभाविक लाभ मिलेगा। परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), ऊर्जा-कुशल पावर सिस्टम और एडवांस्ड कूलिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्बन फुटप्रिंट को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा।
इटली की सिम्प्लास्ट ग्रुप का ₹70 करोड़ निवेश, यीडा बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब
इसी क्रम में, इटली स्थित वैश्विक कंपनी सिम्प्लास्ट ग्रुप ने भी यीडा क्षेत्र में ₹70 करोड़ के निवेश से ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए उन्नत प्लास्टिक एवं रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों की निर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। इस निवेश में 50 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) शामिल होगा।
कंपनी को तीन एकड़ भूमि आवंटन हेतु एलओआई (Letter of Intent) जारी किया गया है। यह परियोजना भारत-इटली औद्योगिक सहयोग को मजबूत करते हुए यमुना क्षेत्र को एक उभरते वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Hub) के रूप में स्थापित करने में सहायक हो सकती है। इससे प्रत्यक्ष के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और परिवहन क्षेत्र में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।








