लखनऊ/25 सितंबर 2026: ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर उनके व्यक्तित्व, विचार और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को प्रखर राष्ट्रचिंतक तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल बताया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की अवधारणा सामने रखी। उनके चिंतन में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को विशेष महत्व दिया गया था।
‘अंत्योदय’ की अवधारणा में समाज के उस व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाता है, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे पीछे है। वहीं ‘एकात्म मानववाद’ उनके प्रमुख वैचारिक चिंतन में शामिल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन आज भी समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा देता है।
बारिश के बीच सरकारी आवास पर अर्पित की पुष्पांजलि
लखनऊ में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया जाना था, लेकिन बारिश के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां नहीं पहुंच सके। इसके बाद उन्होंने अपने सरकारी आवास पर ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर भी 24 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह आयोजित किए जाने की जानकारी उपलब्ध है।
‘अंत्योदय’ के विचार में अंतिम व्यक्ति के उत्थान पर जोर
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सार्वजनिक जीवन और चिंतन में ‘अंत्योदय’ एक महत्वपूर्ण अवधारणा रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में इसी विचार को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान विकास की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उन्हें समावेशी और आत्मनिर्भर विकास की दिशा में प्रेरणास्रोत बताया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर लखनऊ में हुए इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन में योगदान को स्मरण किया।









