नई दिल्ली (05 अगस्त 2026)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर राज्यसभा के एनडीए (NDA) के 37 नए और नवनिर्वाचित सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। करीब अनौपचारिक माहौल में हुई इस बैठक में उन्होंने सांसदों को संसदीय कार्यशैली, जनसंपर्क, समय प्रबंधन और व्यक्तिगत अनुशासन से जुड़े कई अहम सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों से नियमित संवाद बनाए रखने, संसद की कार्यवाही को गंभीरता से समझने और सार्वजनिक जीवन में सतर्क रहने की सलाह दी।
बैठक में वे सांसद भी शामिल रहे, जो हाल ही में राज्यसभा पहुंचे हैं या फिर अन्य दलों से एनडीए का हिस्सा बने हैं। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों से आए नए सदस्य भी मौजूद थे।
युवाओं को सुनिए, सिर्फ बोलिए नहीं
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं और छात्रों के बीच अधिक समय बिताएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल भाषण देने के बजाय युवाओं की बातों को भी ध्यान से सुनना जरूरी है। उनका मानना था कि नई पीढ़ी की सोच, अपेक्षाओं और चुनौतियों को समझना एक जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भी सलाह दी कि वे जनता से लगातार जुड़े रहें और जमीनी स्तर पर संवाद को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं।
संसद में अधिक समय बिताने की दी सलाह
प्रधानमंत्री ने नए सांसदों से संसद की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदन में अधिक से अधिक समय बिताएं, चर्चाओं को ध्यान से सुनें और केवल अपनी पार्टी ही नहीं, बल्कि विपक्ष के तर्कों को भी गंभीरता से समझें।
इसके साथ ही उन्होंने संसद परिसर स्थित पुस्तकालय, संग्रहालय और महापुरुषों की प्रतिमाओं को देखने की भी सलाह दी, ताकि सांसद संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें।
दिल्ली के प्रभाव और दस्तावेजों के दुरुपयोग से सतर्क रहने की सीख
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सार्वजनिक जीवन में सावधानी बरतने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की राजनीतिक हलचल और अनावश्यक प्रभावों से बचकर काम करें। साथ ही अपने लेटर पैड और हस्ताक्षर के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी, ताकि किसी तरह की अनचाही स्थिति से बचा जा सके।
समय प्रबंधन और स्वास्थ्य पर भी साझा किए अनुभव
बैठक के दौरान चर्चा केवल राजनीति तक सीमित नहीं रही। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य, योग, अनुशासित दिनचर्या और समय प्रबंधन पर भी अपने अनुभव साझा किए।
चर्चा के दौरान एक सांसद के सवाल पर उन्होंने बताया कि वे औसतन करीब साढ़े तीन घंटे की नींद लेते हैं और बिस्तर पर जाने के कुछ ही सेकंड में सो जाते हैं। वहीं, समय प्रबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे जिस क्षण में होते हैं, उसी काम पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं और अनावश्यक बातों में मन नहीं लगाते।
जेट लैग से बचने का भी बताया तरीका
विदेश यात्राओं के दौरान होने वाली थकान (जेट लैग) को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विमान में बैठते ही वे उस देश के स्थानीय समय के अनुसार अपनी दिनचर्या को मानसिक रूप से स्वीकार कर लेते हैं। उनके मुताबिक, इससे शरीर को नए समय के अनुसार ढलने में आसानी होती है।
उन्होंने सांसदों को संतुलित खानपान, नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी, ताकि व्यस्त सार्वजनिक जीवन में ऊर्जा और कार्यक्षमता बनी रहे।











