नई दिल्ली|10 जून 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आयोजित NDA कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार ने भारत को निराशा, अस्थिरता और धीमी विकास दर की मानसिकता से बाहर निकालकर आत्मविश्वास और तेज विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन के अनेक उतार-चढ़ावों के बीच उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा ऐतिहासिक पड़ाव भी आएगा। इस अवसर पर मिले सम्मान के लिए उन्होंने NDA के सभी सहयोगी दलों और नेताओं का आभार व्यक्त किया।
जनता के विश्वास ने देश को स्थिर नेतृत्व दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश ने लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता और अनिश्चितता का दौर देखा था। इसका असर विकास की गति और शासन व्यवस्था दोनों पर पड़ा। हालांकि अब देश की जनता एक स्थिर और निर्णायक सरकार का अनुभव कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च शक्ति होती है और आज वे देश की जनता-जनार्दन को नमन करते हैं, जिसने लगातार NDA पर भरोसा जताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, जनता के विश्वास ने सरकार को बड़े और दूरगामी निर्णय लेने की शक्ति प्रदान की है।
‘हिंदू ग्रोथ रेट’ नहीं, इसे कांग्रेस ग्रोथ रेट कहा जाना चाहिए
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय तक देश को यह विश्वास दिलाया गया कि भारत में विकास की गति स्वाभाविक रूप से धीमी ही रह सकती है। उन्होंने कहा कि उस दौर में धीमी आर्थिक वृद्धि को ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ जैसा नाम दिया गया, जबकि इसके पीछे शासन की विफलताएं जिम्मेदार थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसी नाम की आवश्यकता थी तो उसे ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ कहा जाना चाहिए था, क्योंकि उस समय की नीतियां, कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया ही विकास की रफ्तार में बाधा बनी हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में न स्पष्ट नीति थी, न मजबूत नीयत और न ही निर्णायक नेतृत्व।
अटल सरकार ने दिखाई थी तेज विकास की झलक
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार देश ने तब महसूस किया था कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के साथ विकास की गति कैसे बढ़ सकती है।
हालांकि उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद देश फिर से राजनीतिक अस्थिरता और कांग्रेस के प्रभाव वाले दौर में चला गया, जहां विकास की अपेक्षा घोटालों और भ्रष्टाचार की खबरें अधिक चर्चा में रहीं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले सामने आए, जिससे देश की छवि और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित हुईं।
नीयत, नीति और निर्णय ने बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में NDA सरकार बनने के बाद देश ने पहली बार देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय एक साथ काम करते हैं तो विकास किस गति से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना रही है, जिससे आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव आया है।
NDA की जीत से जगी थी नई उम्मीद
प्रधानमंत्री ने अपने 2014 के वक्तव्य को याद करते हुए कहा कि NDA की जीत के साथ देश के सामान्य नागरिक के मन में एक नई आशा का जन्म हुआ था। लोगों ने कांग्रेस सरकारों से निराश होने के बाद अपना विश्वास NDA को सौंपा था।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में NDA परिवार ने उस भरोसे को बनाए रखने और उसे और मजबूत करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, जनता का विश्वास ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी है और सरकार ने हमेशा उस विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
12 वर्षों के कार्यकाल को बताया परिवर्तन का दौर
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि NDA सरकार का 12 वर्षों का सफर केवल राजनीतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में नई सोच, नए आत्मविश्वास और विकास की नई संस्कृति स्थापित करने की यात्रा भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करेगा।










