लखनऊ, 16 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में PMAY 2.0 (प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0) के दूसरे चरण के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 90,000 लाभार्थियों के खातों में कुल ₹900 करोड़ की पहली किस्त ट्रांसफर की। इसी अवसर पर उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि माफियाओं से मुक्त कराई गई सरकारी जमीनों पर अब शिक्षकों, वकीलों, चिकित्सकों और पत्रकारों के लिए भी आवासीय योजनाएं विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल गरीबों को आवास देना ही नहीं, बल्कि शहरों में व्यवस्थित और सम्मानजनक आवासीय व्यवस्था तैयार करना भी है। उन्होंने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई जमीनों पर हाई-राइज आवासीय इमारतें बनाकर जरूरतमंद लोगों को घर देने की योजना को प्रदेश के हर जिले और नगर में लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि और रामनवमी जैसे पावन पर्व से पहले हजारों गरीब परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलना सरकार के लिए संतोष का विषय है।
“हम 25 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानकर काम कर रहे”
कार्यक्रम में लाभार्थियों से भरे ज्यूपिटर हॉल में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक को अपना परिवार मानकर योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने कहा,
“2017 से पहले की सरकारें अपने परिवार और सीमित लोगों तक ही सोचती थीं, लेकिन हमारी सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानकर योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।”
मंच से 20 लाभार्थियों को दिए आवास स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं, जिनके चेहरे पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
लखनऊ की सीमा, रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव और अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा, खुशी वर्मा और संजीवनी सिंह, बाराबंकी की सरिता और शबाना, उन्नाव की पिंकी वर्मा, मोनिका गौतम और अर्चना देवी, हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी और रेनू मिश्रा, तथा रायबरेली की चांदनी भट्ट और रेनू सहित कुल 20 लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर स्वीकृति पत्र दिए गए।
लाभार्थियों से संवाद में दिखा सीएम का सहज अंदाज़
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई जिलों के लाभार्थियों से बातचीत भी की। इस संवाद में उनका सहज और मानवीय अंदाज़ भी देखने को मिला।
फतेहपुर की मायादेवी से उन्होंने पूछा,
“आपके खाते में पैसा आया कि नहीं? मोबाइल चेक किया क्या? आपको अब तक किन-किन योजनाओं का लाभ मिला?”
वहीं गोरखपुर की मेनका देवी से उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जब मकान बन जाए तो महापौर और विधायक को घर पर भोजन के लिए जरूर बुलाएं।
प्रयागराज की अर्चना से उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा,
“आपके बगल में नंदी जी बैठे हैं, मकान बनने पर इन्हें भोजन जरूर कराइए, राशन हम भेज देंगे।”
62 लाख परिवारों को मिल चुका है आवास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 62 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि PMAY 2.0 के तहत विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में आर्थिक सहायता दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से:
- सहारनपुर – 10,214 लाभार्थी
- प्रतापगढ़ – 7,991 लाभार्थी
- शाहजहांपुर – 4,325 लाभार्थी
- फिरोजाबाद – 4,266 लाभार्थी
- प्रयागराज – 3,331 लाभार्थी
- जालौन – 3,174 लाभार्थी
- सीतापुर – 3,078 लाभार्थी
- बरेली – 3,017 लाभार्थी
- गोरखपुर – 3,063 लाभार्थी
- बिजनौर – 1,364 लाभार्थी
- गाजियाबाद – 1,209 लाभार्थी
- देवरिया – 1,138 लाभार्थी
- गोंडा – 1,121 लाभार्थी
इन लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए प्रति व्यक्ति लगभग एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त प्रदान की गई है।
हल्के अंदाज़ में वित्त मंत्री पर ली चुटकी
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा,
“हमने तो पैसा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से लिया, लेकिन आज तक उनके पास खुद का मकान नहीं है।”
इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद लोग हंसी और तालियों से गूंज उठे।
योजनाओं से मजबूत हो रहा प्रदेश का सामाजिक ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में
- 1.06 करोड़ लोगों को हर साल 12 हजार रुपये पेंशन दी जा रही है।
- प्रदेश में 1.30 लाख नए उद्यमी भी तैयार हुए हैं।
इसके साथ ही राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब लखनऊ से ही पूरे प्रदेश की निगरानी डिजिटल स्क्रीन पर की जा रही है।
अवधी में संबोधन ने बटोरी तालियां
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अवधी भाषा में संबोधन किया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। उन्होंने कहा,
“2017 से पहिले वालन क याद रख्यो… अब अच्छा घर बनवइहो कि नाय।”
उनके इस अंदाज़ पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने भी अपने विचार रखे।








