राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

पुलिस प्रशिक्षण पर CM योगी आदित्यनाथ का जोर, दीक्षांत परेड में दिया बड़ा संदेश

On: April 27, 2026
Follow Us:
पुलिस प्रशिक्षण पर CM योगी आदित्यनाथ का जोर
---Advertisement---

लखनऊ, 26 अप्रैल 2026 (रविवार): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार का दिन सिर्फ एक औपचारिक परेड का नहीं था, बल्कि अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य की उस भावना का सार्वजनिक प्रदर्शन था, जो किसी भी वर्दीधारी बल की असली पहचान बनती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती (2025 बैच) की दीक्षांत परेड की सलामी लेते हुए पुलिस प्रशिक्षण की अहमियत को बेहद स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया।

उन्होंने कहा— “प्रशिक्षण में जितना अधिक पसीना बहाओगे, उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी।”
यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि पुलिसिंग के मूल सिद्धांत का सार है।

अनुशासन और टीमवर्क ही असली ताकत: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महिला आरक्षियों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस प्रकार की मजबूती, तत्परता और अनुशासन दिखाया है, वह आने वाले समय में कानून व्यवस्था को और सशक्त बनाएगा।

उनके शब्दों में, पुलिस बल की असली ताकत हथियार नहीं, बल्कि अनुशासन (discipline) और टीमवर्क (team spirit) है। यही वह आधार है, जिस पर एक सुरक्षित समाज की इमारत खड़ी होती है।

यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंदाज़ भी थोड़ा अलग दिखा—सिर्फ औपचारिक भाषण नहीं, बल्कि एक अनुभवी मार्गदर्शक की तरह उन्होंने जवानों को समझाया कि वर्दी पहनना केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी है।

कानून अपराधी के लिए कठोर, नागरिकों के लिए संवेदनशील

अपने संबोधन में Yogi Adityanath ने पुलिसिंग के उस संतुलन पर भी जोर दिया, जिसे अक्सर समझना आसान नहीं होता।

उन्होंने स्पष्ट कहा—

  • अपराधी के लिए कानून कठोर होना चाहिए
  • लेकिन आम नागरिक के प्रति पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए

यह दोहरा संतुलन ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान है। उन्होंने नए आरक्षियों से उम्मीद जताई कि वे अपने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल और मूल्यों को जमीनी स्तर पर लागू करेंगे।

दीक्षांत परेड में महिला आरक्षियों का दमदार प्रदर्शन

इस दीक्षांत समारोह की एक खास बात यह रही कि इसमें महिला आरक्षियों ने न सिर्फ भागीदारी की, बल्कि नेतृत्व की भूमिका भी निभाई।

पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रमुख आरक्षियां:

  • नेहा यादव — 3 पुरस्कार, सर्वांग सर्वोत्तम
  • सोनम — 2 पुरस्कार
  • रिया सिंह कुशवाहा — 1 पुरस्कार

परेड कमांडर:

  • प्रथम: नेहा यादव
  • द्वितीय: रिया सिंह कुशवाहा
  • तृतीय: कुमारी सोनम

जब मुख्यमंत्री के हाथों इन आरक्षियों को सम्मान मिला, तो पूरे मैदान में एक अलग ही ऊर्जा महसूस की गई—जैसे मेहनत को उसका सही सम्मान मिल गया हो।

इस दौरान Rajeev Krishna ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया और आरक्षियों को शपथ भी दिलाई।

‘मिशन शक्ति’ से बदल रही पुलिस व्यवस्था की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘मिशन शक्ति’ का भी उल्लेख किया, जो 2019-20 से लगातार चलाया जा रहा है।

इस पहल के तहत:

  • हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए
  • महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर फोकस बढ़ाया गया
  • तीन महिला PAC बटालियन गठित की गईं:
    • लखनऊ — वीरांगना ऊदा देवी
    • गोरखपुर — झलकारी बाई कोरी
    • बदायूं — अवंती बाई लोधी
  • 17 नगर निगम और गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना लागू

यह केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का संकेत हैं—जहाँ महिला सशक्तिकरण अब नीतियों का केंद्र बन चुका है।

पुलिस प्रशिक्षण: सिर्फ प्रक्रिया नहीं, भविष्य की नींव

अगर इस पूरे आयोजन का सार निकाला जाए, तो वह एक ही बात पर आकर ठहरता है—पुलिस प्रशिक्षण

यह प्रशिक्षण ही तय करता है कि:

  • कोई जवान संकट में कैसे निर्णय लेगा
  • कानून को लागू करते समय उसका व्यवहार कैसा होगा
  • और समाज के साथ उसका रिश्ता कितना भरोसेमंद बनेगा

लखनऊ की इस परेड ने साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब केवल संख्या में नहीं, बल्कि गुणवत्ता और दृष्टिकोण में भी बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now