प्रयागराज/मंगलवार, 3 नवंबर 2026: प्रयागराज से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी का दायरा लगातार सीमित होता जा रहा है। संगम नगरी के एयरपोर्ट पर उड़ानों और यात्रियों की संख्या सात वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। अक्टूबर में यहां से कुल 252 उड़ानों (आगमन और प्रस्थान) के जरिए महज 37,616 यात्रियों ने सफर किया। वर्ष 2019 में टर्मिनल की शुरुआत के बाद किसी एक महीने में दर्ज किया गया यह सबसे कमजोर परिचालन रिकॉर्ड बताया जा रहा है। विंटर शेड्यूल लागू होने के बावजूद उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिसका असर प्रमुख महानगरों से प्रयागराज के सीधे हवाई संपर्क पर पड़ रहा है।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या सात साल के निचले स्तर पर
प्रयागराज एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं का विस्तार पिछले कुछ समय से अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। अक्टूबर के आंकड़े इस स्थिति को और स्पष्ट करते हैं। महीनेभर में कुल 252 उड़ानों का संचालन हुआ, जिनमें आने और जाने वाली दोनों उड़ानें शामिल हैं। इनसे 37,616 यात्रियों ने यात्रा की।
वर्ष 2019 में एयरपोर्ट टर्मिनल की शुरुआत के बाद यह किसी एक महीने का सबसे कम परिचालन बताया जा रहा है। हवाई सेवाओं में गिरावट का असर केवल यात्रियों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयागराज की महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी भी प्रभावित हो रही है।
विंटर शेड्यूल लागू होने के बाद आमतौर पर हवाई सेवाओं में बदलाव और विस्तार की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार प्रयागराज एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए भी नियमित उड़ानों का अभाव
प्रयागराज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए भी सप्ताह के सातों दिन नियमित उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं। इन महानगरों से सीधा हवाई संपर्क व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
नियमित उड़ानों की कमी के कारण यात्रियों को कई बार अपनी यात्रा के समय में बदलाव करना पड़ता है। कुछ यात्रियों को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट तक पहुंचकर आगे का सफर तय करने का विकल्प भी चुनना पड़ सकता है।
प्रमुख रूटों पर उड़ानों की सीमित उपलब्धता से प्रयागराज की हवाई कनेक्टिविटी प्रभावित हो रही है। खासकर उन यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें कम समय में दूसरे महानगरों तक पहुंचना होता है।
नए हवाई रूटों को नहीं मिली मंजूरी, कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग
प्रयागराज में हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए जनप्रतिनिधियों और एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद नए रूटों को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
हवाई कनेक्टिविटी सीमित रहने का असर यात्रियों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। उड़ानों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं, नए रूट शुरू होने और नियमित उड़ानों की संख्या बढ़ने से प्रयागराज का देश के प्रमुख शहरों से संपर्क बेहतर हो सकता है।
संगम नगरी धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। ऐसे में एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में गिरावट और यात्रियों का सात साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचना हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की जरूरत को रेखांकित करता है।








