गोरखपुर, 2 मार्च 2026। जब वैश्विक परिदृश्य में युद्ध, आर्थिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव की खबरें सुर्खियां बन रही हों, ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि “पूरी दुनिया में उपद्रव और अराजकता का माहौल है, लेकिन भारतवासी शांति और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिका दहन उत्सव समिति द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदियों पर ले जा रहा है और हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री का यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं था, बल्कि एक व्यापक संदेश भी था—त्योहार, सुरक्षा और विकास एक साथ चल सकते हैं, बशर्ते शासन की नीयत और नीति स्पष्ट हो।
2014 से पहले और अब: कानून-व्यवस्था की तुलना
सीएम योगी ने अपने संबोधन में 2014 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब त्योहारों के समय तनाव का माहौल रहता था। “प्रदेश में कई बार त्योहारों से पहले ही कर्फ्यू लग जाता था। व्यापारी डरे रहते थे, आम नागरिक असुरक्षित महसूस करता था। समाज में भय और अविश्वास का वातावरण था,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों के कारण समाज में विभाजन और अराजकता बढ़ी, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश “उत्सव प्रदेश” बन चुका है। “कर्फ्यू न दंगा, यूपी में है सब चंगा,” यह नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा का अहसास है और यही विश्वास ‘रामराज्य’ की नींव है।
विरासत गलियारा: गोरखपुर की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने पांडेयहाता क्षेत्र में विकसित हो रहे विरासत गलियारे का जिक्र करते हुए कहा कि पहले यहां संकरी गलियां थीं, व्यापार प्रभावित होता था और ग्राहकों को पहुंचने में कठिनाई होती थी।
अब यह क्षेत्र विरासत गलियारे के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सड़कों को पहले से तीन गुना चौड़ा किया जा रहा है और फसाड लाइटिंग के बाद यह प्रदेश का सबसे खूबसूरत गलियारा बनेगा।
व्यापारियों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन दुकानदारों की दुकानें प्रभावित हुई हैं, उन्हें घंटाघर स्थित बंधु सिंह पार्क में वैकल्पिक दुकानें दी जा रही हैं। शेष व्यापारियों के लिए डायट के पास कॉम्प्लेक्स निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया है।
“सरकार का संकल्प है कि किसी को उजड़ने नहीं देना है, बल्कि अवसर देकर आगे बढ़ाना है,” उन्होंने कहा।
होलिका दहन और सांस्कृतिक संदर्भ
होलिका दहन के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में हिरण्यकश्यप जैसे प्रतीक अन्याय, आतंक और अराजकता के रूप में सामने आते रहे हैं।
“लातों के भूत बातों से नहीं मानते,” यह कहावत उद्धृत करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम जरूरी होते हैं। उन्होंने भगवान नृसिंह के अवतार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अधर्म बढ़ता है तो धर्म की स्थापना के लिए निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ती है।
डबल इंजन सरकार और विकास का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” सुरक्षा और सुविधा दोनों दे रही है। उनका कहना था कि जब गोरखपुर जैसे शहर विकास की रफ्तार पकड़ते हैं, तो उसका असर पूरे प्रदेश और देश पर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी और उत्सव समिति के सदस्य मौजूद रहे। वातावरण में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ विकास की चर्चा भी थी—एक ऐसा मिश्रण, जो राजनीति और संस्कृति के संगम का प्रतीक बन गया।
निष्कर्ष
“पूरी दुनिया में उपद्रव और अराजकता का माहौल” जैसे वाक्य आज के वैश्विक संदर्भ में अलग अर्थ रखते हैं। लेकिन गोरखपुर की इस शाम में, मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था—सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव और विकास को साथ लेकर चलने की कोशिश।
आने वाले समय में यह मॉडल कितना टिकाऊ और प्रभावी साबित होगा, यह भविष्य बताएगा। फिलहाल, प्रदेश सरकार इसे ‘नए भारत’ के दर्शन के रूप में प्रस्तुत कर रही है।












