गोरखपुर, 06 नवंबर 2025 (गुरुवार)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया निरीक्षण के बाद, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अभियंताओं के ढुलमुल रवैये पर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां अभियंता ज़मीन पर तेज़ी से काम करने का दावा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई परियोजनाओं में देरी और खामियां सामने आईं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बुधवार को गोरखपुर में देर रात और दिनभर निरीक्षण किया और उसके बाद आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की।
🕒 “जो काम कर सकते हैं, वही लें” — प्रमुख सचिव का स्पष्ट संदेश
बैठक में प्रमुख सचिव ने अभियंताओं को स्पष्ट दो-टूक कहा:
“समयबद्ध योजना बनाएं। जो काम उठाएं, उसे समय सीमा के भीतर पूरा करें। अगर ऐसा नहीं कर सकते, तो उस काम को हाथ में लेने से पहले सोचें।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर परियोजनाओं में अनावश्यक देरी होती है या समय सारिणी का उल्लंघन किया जाता है तो कठोर कार्रवाई होगी।
📋 Review Highlights: समन्वय और जवाबदेही पर जोर
बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष निर्देश दिए गए:
🔹 जल निगम की सीवर लाइन पर सतर्कता
अजय चौहान ने पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों को निर्देश दिए कि सीवर लाइन डालते समय यह सुनिश्चित करें कि सड़कें न धंसें।
🔹 वन विभाग से पेड़ों की कटाई में तेजी
वन निगम को आदेश दिए गए कि जहां सड़क या पुल परियोजनाओं में पेड़ों की कटाई आवश्यक है, उसे शीघ्र पूरा करें।
🔹 नालों का वैज्ञानिक निर्माण
नगर आयुक्त और अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि नए बन रहे नालों में आसपास बस्तियों के पानी को जोड़ने की सुविधा हो।
👥 बैठक में प्रमुख अफसर मौजूद
- अनिल ढींगरा – मंडलायुक्त
- दीपक मीणा – जिलाधिकारी
- आशुतोष श्रीवास्तव – मुख्य अभियंता, बिजली निगम
- लोकेंद्र बहादुर सिंह – अधीक्षण अभियंता, नगर
इनके अलावा पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
🧱 “श्रमिक बढ़ाएं, काम में क्यों देरी?”
प्रमुख सचिव ने साफ तौर पर कहा कि ठेकेदारों और अभियंताओं को निर्माण कार्य तेज़ी से करवाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ानी चाहिए। देरी पर कड़ी सख्ती होगी, और कोई बहाना स्वीकार्य नहीं होगा।












