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‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति खत्म करें, राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी लाएं: CM योगी

On: August 29, 2026
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राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी लाएं, CM योगी
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लखनऊ/29 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व मामलों की लंबी सुनवाई और लगातार पड़ती तारीखों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जमीन, संपत्ति और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों में वर्षों तक फैसला न होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा।

मुख्यमंत्री ने शनिवार देर शाम गोरखपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजस्व मामलों के साथ जनशिकायतों, कानून व्यवस्था, त्योहारों की तैयारियों और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

पांच साल से अधिक पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नायब तहसीलदार न्यायालय से लेकर राजस्व परिषद तक पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि पुराने मुकदमों का बोझ कम करने के लिए जिलाधिकारी कोर्टवार स्थिति की नियमित निगरानी करें और जहां संभव हो, मामलों का समयबद्ध निस्तारण कराया जाए।

धारा 33 के तहत आने वाले अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। राजस्व परिषद की ओर से बैठक में नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से जुड़े मामलों की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई।

इसमें नायब तहसीलदार, उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर पर लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालय की कोर्टवार समीक्षा कर लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।

जनशिकायतों के निस्तारण में कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन और आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि किसी शिकायत को केवल रिपोर्ट लगाकर बंद करना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान होना चाहिए।

समीक्षा के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए, जिनका निस्तारण दूसरी जानकारी के आधार पर कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गलत रिपोर्ट के आधार पर बंद किए गए मामलों को मुख्यमंत्री कार्यालय संबंधित जिलाधिकारी या पुलिस कप्तान को भेजेगा और ऐसे मामलों में पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

अपराध के आंकड़ों में आई कमी

बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जिलावार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

इसी अवधि में गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति और जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी बताई गई।

मुख्यमंत्री ने माफिया के खिलाफ कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रखने को कहा। साथ ही गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।

गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर विशेष सतर्कता

गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित 10 फुट की सीमा के भीतर रखने को कहा।

कई नदियों के उफान पर होने को देखते हुए विसर्जन स्थलों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को भीड़, जलस्तर और संभावित हादसों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी रखने को कहा गया है।

बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से सीधे बातचीत कर बाढ़ राहत कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए सभी अस्पतालों में एंटी-वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही एंटी-रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश भी दिए गए।

जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी पर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार करने को कहा गया है। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग योजना बनाने और मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।

वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित करने और उसके अनुरूप आवश्यक पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग संयुक्त मजिस्ट्रेट तैनात करने को भी कहा।

योगी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के वातावरण में मनाई जाए। प्रशासनिक तैयारियों के बीच उनका जोर इस बात पर रहा कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जाए।

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