अयोध्या/28 सितंबर 2026: अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की सक्रियता बढ़ गई है। एनएसजी की टीम लगातार मंदिर परिसर का निरीक्षण कर रही है और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बारीकी से परख रही है। अयोध्या में एनएसजी का क्षेत्रीय हब स्थापित करने की तैयारी के बीच मंदिर परिसर में उसकी मौजूदगी को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालिया निरीक्षण के दौरान एनएसजी के एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी राम मंदिर परिसर पहुंचे। टीम ने प्रवेश और निकास व्यवस्था समेत सुरक्षा से जुड़े कई बिंदुओं का जायजा लिया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित चुनौतियों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारियों पर चर्चा की गई।
राम मंदिर की सुरक्षा पर एनएसजी की टीम कर रही आकलन
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 24 से 29 सितंबर के बीच सुरक्षा एजेंसियों और मंदिर परिसर में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एनएसजी की बैठकें चल रही हैं। टीम मौके पर उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों को समझने के साथ ही संभावित आपात परिस्थितियों में प्रतिक्रिया व्यवस्था का भी आकलन कर रही है।
एनएसजी टीम ने मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया है। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में मौजूदा व्यवस्था, प्रवेश-निकास बिंदुओं और संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर जानकारी ली गई। सुरक्षा कारणों से बैठकों में हुई विस्तृत चर्चा सार्वजनिक नहीं की गई है।
पिछले कुछ दिनों से मंदिर परिसर में सुरक्षा तैयारियों को परखने की गतिविधियां भी चल रही हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर उपलब्ध जानकारी को ही आधार माना जाना जरूरी है। इससे पहले एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र ने एनएसजी के दौरे को रूटीन विजिट बताया था और मॉकड्रिल की बात से इनकार किया था।
अयोध्या में तैयार हो रहा एनएसजी का क्षेत्रीय हब
राम मंदिर की सुरक्षा के साथ अयोध्या में एनएसजी के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की तैयारी भी चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर यानी लगभग 65 एकड़ भूमि एनएसजी के क्षेत्रीय केंद्र के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
क्षेत्रीय हब बनने के बाद अयोध्या और आसपास के इलाकों में किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में एनएसजी की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यही वजह है कि राम मंदिर परिसर में टीम के लगातार निरीक्षण को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस
अयोध्या अब केवल राम मंदिर तक सीमित धार्मिक गतिविधियों वाला शहर नहीं है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और पर्व-त्योहारों के दौरान भीड़ में कई गुना वृद्धि हो जाती है। ऐसे में शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
एनएसजी का क्षेत्रीय हब बनने के बाद उसकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का इस्तेमाल राम मंदिर के अलावा अयोध्या के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था में भी किया जा सकता है। हालांकि, किस स्थान पर किस स्तर की तैनाती होगी, इसका अंतिम स्वरूप संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के निर्णय और सुरक्षा आकलन पर निर्भर करेगा।
राम मंदिर परिसर में एनएसजी की सक्रियता और अयोध्या में क्षेत्रीय केंद्र की तैयारी, दोनों को साथ रखकर देखें तो साफ है कि रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के अनुरूप और मजबूत करने की दिशा में काम चल रहा है।











