लखनऊ, Thu, 12 Mar 2026। उत्तर प्रदेश में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया और बाजार में फैल रही अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी से बचें।
मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। बैठक के बाद उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रसोई गैस आपूर्ति सामान्य, अफवाहों से बचने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर जो स्थिति बताई जा रही है, वह वास्तविकता से अलग है। उनके अनुसार, वर्तमान हालात उतने गंभीर नहीं हैं जितना कि अफवाहों के जरिए प्रचारित किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बने। साथ ही जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए, ताकि उन्हें अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि कोई एलपीजी वितरक एजेंसी या निजी व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और कठोरतम कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां आवश्यकता हो, वहां एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिस की तैनाती भी की जा सकती है। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार की अव्यवस्था पैदा नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में जनता को नियमित रूप से जानकारी दें।
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य है और इनके वितरण में किसी तरह की कमी नहीं है।
इसके साथ ही वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन वैकल्पिक ईंधन के रूप में आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे बैकअप व्यवस्था के रूप में रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर इसका समुचित वितरण किया जाए।
छात्रावास, होटल और अस्पतालों से संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। इन संस्थानों को आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
इसके अलावा खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रत्येक जिले की स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला प्रशासन को समन्वय से काम करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी और तेल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से काम करें। इसका उद्देश्य यही है कि प्रदेश में रसोई गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे और आम नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ था—अफवाहों से सावधान रहें, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है।








