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सरकारी वेबसाइटों को यूजर फ्रेंडली बनाने पर जोर, पीएम मोदी ने मंत्रियों को दिया निर्देश

On: September 10, 2026
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सरकारी वेबसाइटों को यूजर फ्रेंडली बनाने पर जोर, पीएम मोदी ने मंत्रियों को दिया निर्देश
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नई दिल्ली/10 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने बुधवार को मंत्रियों से कहा कि सरकारी पोर्टल इस तरह तैयार किए जाएं, जहां लोगों को कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।

सरकार की अधिकांश सेवाएं अब डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक पहुंच रही हैं। ऐसे में वेबसाइट का आसान, स्पष्ट और मोबाइल के अनुकूल होना महज तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच का अहम जरिया बन गया है।

सरकारी वेबसाइटों को यूजर फ्रेंडली बनाने का निर्देश

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से सरकारी वेबसाइटों की उपयोगिता और उनके यूजर अनुभव पर विशेष ध्यान देने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि नागरिकों को किसी योजना या सार्वजनिक सेवा की जानकारी हासिल करने के लिए वेबसाइट के कई स्तरों पर भटकना न पड़े।

सरकारी पोर्टलों पर जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने के साथ-साथ नेविगेशन को भी सहज बनाने की जरूरत बताई गई है। खासकर मोबाइल फोन के जरिए इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए वेबसाइटों की डिजाइन और कार्यप्रणाली बेहतर करने पर जोर है।

कैबिनेट सचिव की सलाह के बाद बढ़ा फोकस

सरकारी वेबसाइटों को यूजर फ्रेंडली बनाने का यह निर्देश कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की पहले की सलाह के बाद आया है। कुछ महीने पहले उन्होंने सभी मंत्रालयों और विभागों से अपनी वेबसाइटों में व्यापक बदलाव करने को कहा था, ताकि आम नागरिकों के लिए सरकारी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो सके।

मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक में सोमनाथन ने द इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया था। रिपोर्ट में भारत में सरकारी वेबसाइटों के इस्तेमाल से जुड़ी आम नागरिकों की मुश्किलों को रेखांकित किया गया था।

पॉप-अप और बैनर से लेकर मोबाइल अनुभव तक सवाल

रिपोर्ट में सरकारी पोर्टलों के डिजाइन को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इसमें पॉप-अप, चमकते बैनर और लगातार चलते स्क्रॉलिंग टेक्स्ट जैसी चीजों की अधिकता का जिक्र किया गया। ऐसी डिजाइन नागरिकों को जरूरी जानकारी तक पहुंचने में उलझन पैदा कर सकती है।

एक और अहम मुद्दा मोबाइल फोन पर वेबसाइटों की कार्यक्षमता का है। भारत में बड़ी संख्या में लोग मोबाइल के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई सरकारी वेबसाइटें अभी भी मोबाइल स्क्रीन के हिसाब से पर्याप्त रूप से अनुकूल नहीं हैं। नतीजा यह होता है कि जानकारी मौजूद होने के बावजूद उसे ढूंढना या किसी सेवा का लाभ लेना आसान नहीं रहता।

एक भारत पोर्टल पर भी जोर

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय को नागरिकों के लिए प्रस्तावित यूनिफाइड सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म एक भारत पोर्टल के काम में तेजी लाने का निर्देश दे चुके हैं।

इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग सरकारी वेबसाइटों और सेवाओं के बीच जाने की परेशानी कम करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एक ही यूजरनेम और पासवर्ड के जरिए विभिन्न सरकारी वेबसाइटों और सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डिजिटल शासन का दायरा लगातार बढ़ने के बीच सरकार के सामने अब केवल सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की चुनौती नहीं है। असली कसौटी यह है कि आम नागरिक उन सेवाओं को कितनी आसानी से खोज और इस्तेमाल कर सकता है। प्रधानमंत्री का ताजा निर्देश इसी पहलू को केंद्र में लाता है।

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