नई दिल्ली/25 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक निकली सेवा संकल्प यात्रा में शामिल यात्रियों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं के अनुभव सुने और सेवा गतिविधियों के जरिए समाज से जुड़ने के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने वडनगर और काशी से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि काशी उनकी कर्मभूमि रही है। उनके लिए दोनों शहर केवल भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि जीवन की अलग-अलग महत्वपूर्ण यात्राओं से जुड़े पड़ाव हैं।
सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े युवाओं से पीएम मोदी का संवाद
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने यात्रा में शामिल युवाओं से रास्ते में मिले अनुभवों, लोगों से हुई बातचीत और सेवा गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। यात्रा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से गुजर रहे युवाओं को स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करने और जमीनी स्तर पर सामाजिक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिल रहा है।
पीएम मोदी ने यात्रियों द्वारा साझा किए गए फोटो और वीडियो का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों को देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे वह स्वयं इस यात्रा का हिस्सा हों। अलग-अलग इलाकों में लोगों से मिलना और उनकी जीवनशैली को करीब से देखना अपने आप में एक महत्वपूर्ण अनुभव है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत यात्रा में शामिल युवा रास्ते में स्वच्छता, पौधरोपण, जनसंवाद और अन्य सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं। रिपोर्टों के मुताबिक यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगा और वडनगर तथा वाराणसी को जोड़ने वाले विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा।
वडनगर और काशी से पीएम मोदी का विशेष जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान वडनगर और वाराणसी के ऐतिहासिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने वडनगर को अपनी जन्मभूमि और काशी को कर्मभूमि बताते हुए दोनों स्थानों से जुड़े आध्यात्मिक और व्यक्तिगत संबंधों को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद मिलता है, वहीं वडनगर में हटकेश्वर महादेव से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस संदर्भ में उन्होंने दोनों शहरों के बीच की यात्रा को अपने जीवन से जुड़े दो महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाला प्रयास बताया।
यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को की गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभियान में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं और यात्रा कई राज्यों, जिलों तथा गांवों से होकर गुजर रही है।
युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश का युवा आने वाले भारत का महत्वपूर्ण आधार है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर युवाओं की भागीदारी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी ने सेवा को केवल किसी एक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार जनसेवा से जुड़े अनुभव लोगों और समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद करते हैं।
उन्होंने राजनीति और राष्ट्र निर्माण के बीच अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव और शासन की अपनी भूमिका है, लेकिन राष्ट्र निर्माण एक व्यापक प्रक्रिया है। इसी संदर्भ में उन्होंने युवाओं से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
यात्रा में गांव-गांव पहुंच रहा सेवा का संदेश
सेवा संकल्प यात्रा का एक प्रमुख पहलू यह है कि इसमें शामिल युवा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा नहीं कर रहे, बल्कि रास्ते में स्थानीय समुदायों से भी जुड़ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यात्रा के विभिन्न दल 10 राज्यों के 193 जिलों और करीब 1,159 गांवों से होकर गुजर रहे हैं।
ऐसे में इस यात्रा का फोकस केवल दूरी तय करने तक सीमित नहीं है। गांवों और कस्बों में लोगों से मुलाकात, सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी और स्थानीय अनुभवों को समझना भी इसका हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने यात्रियों से कहा कि यात्रा के दौरान मिलने वाले ये अनुभव जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के उत्साह और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने में नई पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से गुजर रहे युवाओं को भारत की विविधता को करीब से देखने और समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करने का अवसर भी मिल रहा है।













