लखनऊ|02 जून 2026: उत्तर प्रदेश में होने जा रही सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर शासन और पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 32,679 सिपाही नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए 8 से 10 जून तक आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि परीक्षा आयोजन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और सतर्कता के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें।
सिपाही भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने पर जोर
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिपाही भर्ती परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्ट्रांग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रहें और उनकी निगरानी लगातार की जाए। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को लाइव फीड के जरिए परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर सतत नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गोपनीय सामग्री की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि परीक्षा केंद्रों तक केवल निर्धारित सीरीज की गोपनीय सामग्री ही पहुंचे। इसके लिए नोडल अधिकारी (प्रशासन) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है।
साथ ही परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी स्टाफ का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने साफ कहा है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर निजी व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी कर रहे केंद्र व्यवस्थापक समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भर्ती बोर्ड द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।
राज्य और जिला स्तर से होगी लगातार निगरानी
परीक्षा के दौरान राज्य और जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि परीक्षा की सफलता पूरी तरह सतर्कता, अनुशासन और समन्वित कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाए।
प्रदेश के 1,183 केंद्रों पर होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा प्रदेशभर के कुल 1,183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
पेपर लीक गिरोहों पर नजर, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए इस भर्ती परीक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद आशंका जताई जा रही है कि सक्रिय पेपर लीक गिरोह सिपाही भर्ती परीक्षा को भी निशाना बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
इसी संभावना को देखते हुए प्रदेश की सभी सुरक्षा एजेंसियों, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और जिला पुलिस इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और किसी भी गड़बड़ी की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









