बोले सीएम योगी — “खेल आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण दोनों के प्रतीक हैं”
झांसी (Thu, 09 Oct 2025) — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी की ऐतिहासिक धरती से युवाओं को नया संदेश दिया — “खेल अब सिर्फ शौक नहीं, जीवन को संवारने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं।”
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित 36वें क्षेत्रीय खेलकूद समारोह में पहुंचे सीएम योगी ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया और घोषणा की कि भानी देवी गोयल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक Mini Stadium बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सिर्फ पदक जीतने का जरिया नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित समाज का आधार हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “खेल को अपना जीवन मंत्र बनाएं, क्योंकि मजबूत शरीर और सशक्त मन ही राष्ट्र को दिशा देता है।”
झांसी की धरती पर योगी ने दोहराया ‘आत्मनिर्भरता का मंत्र’
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और मेजर ध्यानचंद की प्रतिभा से झांसी की पहचान हमेशा गौरवशाली रही है।
उन्होंने कहा, “यह वही धरती है जिसने 1857 में स्वतंत्रता का बिगुल फूंका और जिसने हॉकी के मैदान पर भारत का परचम फहराया। अब यही झांसी खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल करेगी।”
सीएम ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही धर्म, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि “विद्या भारती जैसी संस्थाएं भारतीय संस्कृति, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावनाओं को खेलों के जरिए जन-जन तक पहुंचा रही हैं।”
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मिला सम्मान
समारोह में शीलू यादव, आदेश सिंह, शहंशाह, बसंत कुमार गोला और संध्या राजपूत जैसे खिलाड़ियों को सीएम योगी ने मंच पर सम्मानित किया।
अनुशासन ट्रॉफी गोरक्ष प्रांत ग्रामीण की टीम को दी गई, जबकि ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी काशी प्रांत नगरीय टीम ने जीती।
बुंदेली लोक संस्कृति की झलक दिखाते हुए राई नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
विद्या भारती की सराहना और इतिहास का स्मरण
सीएम योगी ने कहा कि विद्या भारती ने भारतीय मूल्यों और संस्कृति को सशक्त बनाने में असाधारण योगदान दिया है।
उन्होंने याद दिलाया कि 1952 में गोरखपुर में राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित यह संस्था आज देशभर में 25,000 से अधिक शिक्षण-प्रशिक्षण केंद्र चला रही है।
“आज़ादी के बाद जब भारतीय परंपराओं को हाशिए पर धकेला जा रहा था, तब विद्या भारती ने बिना सरकारी सहयोग के शिक्षा का भारतीय मॉडल खड़ा किया,” उन्होंने कहा।
मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खिलाड़ियों को रोजगार का भरोसा
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की है, ताकि खेल प्रतिभाओं को पेशेवर प्रशिक्षण और अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा, “पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरी दी गई है। आने वाले समय में डिप्टी एसपी, तहसीलदार, कानूनगो और खेल अधिकारी जैसे पदों पर भी खिलाड़ियों की सीधी नियुक्तियां होंगी।”
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि का भी एलान किया गया —
- ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को ₹6 करोड़
- रजत को ₹4 करोड़
- कांस्य को ₹2 करोड़
इसी तरह एशियाई, कॉमनवेल्थ और नेशनल गेम्स के खिलाड़ियों को भी करोड़ों की पुरस्कार राशि और पेंशन योजनाओं से जोड़ने की घोषणा की गई।
“खेल आत्मनिर्भरता का आधार हैं” — सीएम योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब खेलों को समय या संसाधन की बर्बादी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “खेल आत्मनिर्भरता, अनुशासन और प्रेरणा का माध्यम बन चुके हैं। खिलाड़ी चाहे पदक जीते या न जीते, उसका जज्बा ही उसे आगे सफलता की ओर ले जाता है।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर गांव में खेल मैदान, हर ब्लॉक में Mini Stadium, और हर नगर में ओपन जिम की व्यवस्था की जा रही है।
“फिट इंडिया, खेलो इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं जैसे अभियान युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा।
झांसी में बनेगा आधुनिक Mini Stadium
कार्यक्रम के अंत में सीएम योगी ने घोषणा की कि भानी देवी गोयल सरस्वती विद्या मंदिर के परिसर में एक Mini Stadium तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में खेल प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण सत्र बेहतर ढंग से आयोजित हो सकें।
उन्होंने कहा, “यह स्टेडियम झांसी के युवाओं के सपनों और संभावनाओं का नया केंद्र बनेगा। हार-जीत से ऊपर उठकर एक खिलाड़ी का हौसला ही उसकी असली जीत है।”
निष्कर्ष
झांसी की धरती से सीएम योगी आदित्यनाथ का यह संदेश प्रदेश के हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत है —
खेल अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुके हैं।
Mini Stadium, मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और खिलाड़ियों के सम्मान की घोषणाएं इस नीति को जमीनी रूप दे रही हैं।












