गोरखपुर (Fri, 10 Oct 2025): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस बार की दीपावली “Swadeshi Diwali” की भावना के साथ मनाई जाए — ऐसी दीपावली जो आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की प्रतीक बने।
योगी ने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल नारा नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भरता की ओर सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हर परिवार पर्व पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस बार यह खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। गर्व से कहो, यह स्वदेशी है।”
‘अयोध्या और काशी के पर्व बनें प्रदेश की पहचान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली अब केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान बन चुके हैं। लाखों श्रद्धालु और पर्यटक जब इन आयोजनों में आते हैं, तो पूरी दुनिया भारत की परंपरा और आस्था से परिचित होती है।
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन आयोजनों में सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “जब अयोध्या में दीप जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर रोशनी फैलती है, तो यह केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के गौरव का प्रतीक बन जाता है। इन क्षणों में किसी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।”
‘शांति और सौहार्द्र सर्वोपरि’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर में पूरे प्रदेश में दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ जैसे अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इन अवसरों पर शांति, सुरक्षा और सौहार्द्र का वातावरण बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, “अराजक तत्वों पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। खुफिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
स्वच्छता, पर्यावरण और परंपरा का संगम
योगी ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि दीपावली से पहले स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पटाखों की बिक्री आबादी से दूर क्षेत्रों में हो, फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों पर सख्त रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की बजाय तालाबों में कराया जाए, ताकि जलस्रोतों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे।
खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान
त्योहारों के मौसम में खाद्य मिलावट पर मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाई। उन्होंने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि दूध, खोआ, मिठाई और अन्य खाद्य वस्तुओं की नियमित जांच हो। साथ ही व्यापारी वर्ग के साथ संवेदनशील व्यवहार बनाए रखा जाए, ताकि किसी निर्दोष का उत्पीड़न न हो।
इसी तरह, 12 अक्टूबर को आयोजित लोक सेवा आयोग परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा, “छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
सोशल मीडिया और सुरक्षा पर सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री ने पुलिस और गृह विभाग को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर जातीय या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले तत्वों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जुमे की नमाज या किसी अन्य मौके पर कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त नजर रखी जाए।
योगी ने कहा, “माताएं-बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।”
‘Swadeshi Diwali’ से जगमगाएगा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली और धनतेरस के अवसर पर प्रत्येक जनपद में स्वदेशी मेला आयोजित किया जाए, ताकि लोग स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिले।
उन्होंने कहा, “स्वदेशी अपनाना ही सच्चे अर्थों में देशप्रेम है। जब हम अपने उत्पादों से अपने घर को रोशन करेंगे, तब ही उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा।”
योगी का संदेश: “शांति, सुरक्षा और विकास ही उत्तर प्रदेश की नई पहचान”
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश शांति, सुरक्षा और विकास की धुरी पर मजबूती से खड़ा है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि हर नागरिक को यह अनुभव हो कि उसका पर्व उल्लास, निर्भयता और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
“यही उत्तर प्रदेश की संस्कृति है, यही उसकी नई छवि, और यही उसकी आत्मा भी,” मुख्यमंत्री ने कहा।












