लखनऊ/9 अगस्त 2026: लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में रविवार को देशभक्ति का माहौल नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से तिरंगा यात्रा लखनऊ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बड़ी संख्या में युवा और स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और महापुरुषों के सम्मान को लेकर सख्त संदेश दिया।
मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा में करीब 25 से 30 हजार युवाओं ने भागीदारी की।
तिरंगा यात्रा लखनऊ से CM योगी का कड़ा संदेश
पांच कालीदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में रहकर देश के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अब ऐसा नहीं चलेगा” और ऐसे लोगों को चेत जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहचान और गौरव से जुड़े प्रतीकों का सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित तिरंगा यात्रा के जरिए युवाओं को राष्ट्र प्रथम की भावना से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को इस वर्ष के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में वंदे मातरम् का गान हो रहा है और यह राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने 9 अगस्त 1925 को हुए काकोरी ट्रेन एक्शन का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर के युवा और वीर क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ साहसिक कार्रवाई कर ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया था।
काकोरी की धरती से जुड़ा यह इतिहास उत्तर प्रदेश की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका की याद दिलाता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस से पहले युवाओं के बीच तिरंगा यात्रा के जरिए देशभक्ति का संदेश देना कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा।
25 से 30 हजार युवाओं ने लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा लखनऊ में 25 से 30 हजार युवाओं की भागीदारी ने राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं तथा महिलाओं से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने युवाओं और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में एक मॉडल प्रस्तुत किया है। तिरंगा यात्रा भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके जरिए युवा पीढ़ी को देश के प्रति अपने दायित्व और जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पांच कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई। यात्रा रवाना होने से पहले भातखंडे के कलाकारों की अगुवाई में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने भी सहभागिता की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों के साथ तिरंगा सेल्फी भी ली।
विधानसभा तक पहुंची तिरंगा यात्रा
मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा गोल्फ क्लब, सिविल अस्पताल और अटल चौराहा होते हुए विधानसभा तक पहुंची। रास्ते में बड़ी संख्या में युवा और स्कूली बच्चे तिरंगा लेकर आगे बढ़ते नजर आए।
यात्रा का समापन विधानभवन के सामने हुआ। यहां युवाओं की मौजूदगी में गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
भाजपा के कई नेता और विधायक रहे मौजूद
तिरंगा यात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में विधायक एवं पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी के जरिए आगे बढ़ाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
राजधानी की सड़कों पर तिरंगा थामे युवाओं की मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के जरिए जहां युवाओं को राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया गया, वहीं राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री का संदेश भी साफ और सख्त रहा।









