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टीएमसी का नया मतलब ‘तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी’: योगी आदित्यनाथ का ममता सरकार पर तीखा हमला

On: April 12, 2026
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योगी आदित्यनाथ का ममता सरकार पर तीखा हमला
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लखनऊ/पूर्वी मेदिनीपुर, 12 अप्रैल 2026 (रविवार)। पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में सियासी बयानबाजी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नंदकुमार में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया।

अपने संबोधन में योगी ने कहा—“आज टीएमसी का मतलब तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी बन चुका है।” यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि बंगाल की मौजूदा व्यवस्था पर सीधा सवाल भी था।

‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री योगी ने Mamata Banerjee सरकार के लोकप्रिय नारे ‘मां-माटी-मानुष’ को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

उनके शब्दों में—
“आज बंगाल में मां-बहनें असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में है और आम इंसान भय और असहायता में जी रहा है।”

इस टिप्पणी में सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं को छूने की कोशिश भी साफ नजर आई।

बंगाल की विरासत का जिक्र, वर्तमान पर चिंता

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद किया। उन्होंने Swami Vivekananda, Subhas Chandra Bose, Rabindranath Tagore और Bankim Chandra Chattopadhyay जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि कभी भारत को दिशा देने वाली रही है।

लेकिन उन्होंने अफसोस जताया कि आज वही बंगाल “तुष्टिकरण, लूट और अराजकता” के दौर से गुजर रहा है।

डेमोग्राफी और घुसपैठ का मुद्दा

अपने संबोधन में योगी ने राज्य में डेमोग्राफी बदलने के कथित प्रयासों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है और इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

यह मुद्दा चुनावी विमर्श में एक बार फिर केंद्र में आता दिखा।

यूपी मॉडल और ‘बुलडोजर’ का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी की स्थिति भी इसी तरह की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

उन्होंने कहा—
“आज यूपी में कानून का राज है, दंगे नहीं होते, और माफिया पर सख्त कार्रवाई होती है।”

उन्होंने ‘बुलडोजर मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल प्रतीक नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने का तरीका है।

धार्मिक और सीमा सुरक्षा के मुद्दे उठाए

योगी ने रामनवमी शोभायात्राओं पर कथित रोक और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर भी Mamata Banerjee सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

उन्होंने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा कि लगभग 570 किलोमीटर सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।

बदलाव का आह्वान: ‘बंगाल को लौटाना होगा गौरव’

सभा के अंत में योगी आदित्यनाथ ने मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बंगाल, जो कभी “कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया” कहा जाता था, उसे फिर से उसी गौरव तक पहुंचाना जरूरी है।

उनकी अपील में एक स्पष्ट संदेश था—
“अब समय आ गया है कि बंगाल तुष्टिकरण और अराजकता से बाहर निकलकर विकास और सुशासन की राह पर आगे बढ़े।”

निष्कर्ष: चुनावी माहौल में तेज होती सियासी धार

नंदकुमार की इस रैली ने यह साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति और विचारधाराओं की टक्कर का मंच बन चुका है।

योगी आदित्यनाथ के तीखे बयान और टीएमसी पर सीधे हमले ने चुनावी बहस को और धार दे दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि जनता इन दावों और आरोपों को किस नजर से देखती है।

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