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UP Bonus 2026: कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस, अधिकतम 6,908 रुपये मिलेंगे; 75% रकम GPF में होगी

On: November 5, 2026
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UP Bonus 2026 कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस, अधिकतम 6,908 रुपये मिलेंगे
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लखनऊ/5 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी कर दिया है। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलेगा। हालांकि, इस रकम का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा, जबकि 25 फीसदी राशि नकद मिलेगी। सरकार के इस फैसले से करीब 14.82 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद वित्त विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बृहस्पतिवार को बोनस भुगतान का शासनादेश जारी किया। इसमें बोनस की पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और गणना से संबंधित नियम स्पष्ट किए गए हैं। आइए जानते हैं कि यूपी में 30 दिन के बोनस का लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा और किसे कितनी रकम मिलेगी।

UP Bonus 2026: किन कर्मचारियों को मिलेगा 30 दिन के बोनस का लाभ?

शासनादेश के अनुसार, प्रदेश के पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके दायरे में राज्य सरकार के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल हैं।

बोनस का लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को निर्धारित सेवा और वेतन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।

पात्र कर्मचारियों की प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • राज्य सरकार के पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारी।
  • सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
  • सहायता प्राप्त प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी।
  • स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी।
  • निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी।

बोनस के लिए वेतन सीमा और सेवा की शर्त क्या है?

शासनादेश के मुताबिक, बोनस के लिए पात्रता निर्धारित करते समय वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (47,600 रुपये से 1,51,100 रुपये) तक के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। अपुनरीक्षित वेतनमान में 4,800 रुपये तक ग्रेड पे पाने वाले कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे।

यदि किसी कर्मचारी को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) के तहत इससे ऊंचा वेतन लेवल मिल रहा है, तो भी वह बोनस पाने का हकदार होगा।

हालांकि, इसके लिए एक अहम शर्त है। कर्मचारी को 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करनी चाहिए। यानी निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं करने वाले कर्मचारियों को इस बोनस का लाभ नहीं मिलेगा।

75 फीसदी GPF में, 25 फीसदी नकद मिलेगा बोनस

यूपी सरकार ने बोनस भुगतान के लिए नकद और बचत का मिश्रित फॉर्मूला लागू किया है। इसके तहत कर्मचारियों को बोनस की पूरी रकम एक साथ नकद नहीं दी जाएगी।

बोनस भुगतान का तरीका इस प्रकार होगा:

  • 75 फीसदी राशि: कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा होगी।
  • 25 फीसदी राशि: कर्मचारी को नकद भुगतान के रूप में मिलेगी।

जो कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य नहीं हैं, उन्हें बोनस की बचत वाली राशि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के रूप में दी जाएगी।

वहीं, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी 100 फीसदी धनराशि नकद दी जाएगी।

UP Bonus 2026: अधिकतम 6,908 रुपये कैसे मिलेगा बोनस?

बोनस की गणना के लिए सरकार ने अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये तय की है। गणना में एक महीने के औसत दिनों की संख्या 30.4 मानी गई है।

इसी आधार पर 30 दिन के बोनस की अधिकतम राशि 6,908 रुपये निर्धारित की गई है।

इसका गणित समझें:

  • अधिकतम मासिक परिलब्धियां: 7,000 रुपये
  • बोनस अवधि: 30 दिन
  • औसत मासिक दिन: 30.4
  • अधिकतम बोनस: लगभग 6,908 रुपये

इसका मतलब है कि पात्र कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलेगा। हालांकि, वास्तविक राशि संबंधित कर्मचारी की पात्र परिलब्धियों और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।

दैनिक वेतन भोगियों को भी मिलेगा बोनस

सरकार ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को भी राहत दी है। छह कार्य दिवस वाले सप्ताह के कार्यालयों में कम से कम तीन वर्ष से लगातार काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भी बोनस के पात्र होंगे।

इसके लिए प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन काम करने की शर्त रखी गई है।

ऐसे कर्मचारियों के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियां 1,200 रुपये मानकर बोनस की गणना की जाएगी। इस आधार पर उन्हें अधिकतम 1,184 रुपये बोनस मिलेगा।

किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस?

बोनस भुगतान के लिए अनुशासन और सेवा संबंधी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। शासनादेश के मुताबिक, जिन कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंड दिया गया है, उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिलेगा।

वहीं, जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस अंतिम परिणाम आने तक रोक दिया जाएगा।

यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषमुक्त हो जाता है, तो उसे रोके गए सभी वर्षों का बोनस नियमानुसार दिया जाएगा।

कर्मचारियों के लिए क्या है इस फैसले का महत्व?

त्योहारों और बढ़ते घरेलू खर्चों के बीच बोनस का फैसला कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। हालांकि, 75 फीसदी राशि GPF में जमा होने के कारण कर्मचारियों को तत्काल नकद के रूप में बोनस का केवल एक चौथाई हिस्सा मिलेगा।

सरकार की इस व्यवस्था में एक तरफ कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक सहायता देने का प्रयास है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य के लिए बचत को भी बढ़ावा दिया गया है। अब कर्मचारियों को अपने विभाग में जारी होने वाले भुगतान संबंधी निर्देशों के आधार पर बोनस की वास्तविक राशि और भुगतान की तारीख का इंतजार रहेगा।

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