लखनऊ | 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान विधानसभा में राज्य का यूपी इकोनॉमिक रोडमैप प्रस्तुत करते हुए विकास की नई दिशा का संकेत दिया। पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के भीतर रखते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार के कामकाज और प्रगति के आंकड़े अब पारदर्शी तरीके से जनता और जनप्रतिनिधियों के सामने रखे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी छवि को केवल एक बड़े राज्य से आगे बढ़ाकर ‘लॉ एंड ऑर्डर’ और ‘निवेश डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने इसे सरकार के सतत प्रयासों और नीतिगत स्थिरता का परिणाम बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य अब जोखिम से स्थिरता (Risk to Stability) की ओर बढ़ चुका है और निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
ट्रिपल टी बना विकास का नया मंत्र
विधानसभा में प्रस्तुत यूपी इकोनॉमिक रोडमैप में मुख्यमंत्री ने विकास के लिए ‘ट्रिपल टी’ —
टेक्नोलॉजी (Technology), ट्रस्ट (Trust) और ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) — को प्रमुख आधार बताया। उनके अनुसार, इन तीन स्तंभों पर आधारित शासन मॉडल ही राज्य को अगले औद्योगिक चरण में प्रवेश दिलाने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि आज हर स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं से लेकर औद्योगिक निवेश तक, टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग देखने को मिल रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज और प्रभावी हुई है।
इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 की ओर
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इंडस्ट्री 4.0 ने ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से उत्पादन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। अब दुनिया इंडस्ट्री 5.0 की ओर अग्रसर है, जिसमें मानव-केंद्रित और मूल्य-आधारित औद्योगिक व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंडस्ट्री 5.0 केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव दक्षता और मशीन इंटेलिजेंस के संतुलित समन्वय पर आधारित मॉडल है। इससे रोजगार सृजन और नवाचार के नए अवसर पैदा होंगे।
एआई इंपैक्ट समिट में भारत की बढ़ती भूमिका
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जो भारत की तकनीकी क्षमता और बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
भारत मंडपम घटना की निंदा
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत मंडपम में कथित तौर पर कांग्रेस के युवा संगठन द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि भारत में मौजूद हों, उस समय देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश निंदनीय है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा से समझौता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की घटनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यूपी इकोनॉमिक रोडमैप राज्य को तकनीक-आधारित, निवेश-अनुकूल और मानव-केंद्रित विकास मॉडल की ओर ले जाने की दिशा में एक ठोस पहल है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।








