लखनऊ|01 जून 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत अब प्रताप सिंह बघेल को प्रदेश का प्रभारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का सभापति नियुक्त किया गया है। वहीं, अनिल भूषण चतुर्वेदी को प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव को आगामी शैक्षणिक सत्र और विभागीय कार्यों के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। शासन ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए हैं।
प्रताप सिंह बघेल को मिली माध्यमिक शिक्षा विभाग की कमान
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह बदलाव उस समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभापति और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव का कार्यकाल समाप्त हो गया है। 31 मई 2026 उनका अंतिम कार्य दिवस था।
इसके बाद शासन ने आदेश जारी कर प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक) के पद पर कार्यरत प्रताप सिंह बघेल को प्रभारी शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के पद पर नियुक्त कर दिया। अब वह प्रयागराज और लखनऊ से संचालित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
विशेष सचिव, शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता की ओर से सोमवार को जारी आदेश में प्रताप सिंह बघेल को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने की औपचारिक घोषणा की गई।
अनिल भूषण चतुर्वेदी बने प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक)
प्रताप सिंह बघेल के स्थान पर अनिल भूषण चतुर्वेदी को प्रभारी शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश नियुक्त किया गया है।
अनिल भूषण चतुर्वेदी इससे पहले प्रभारी निदेशक, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा के पद पर कार्यरत थे। विभागीय अनुभव और प्रशासनिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए शासन ने उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है।
शासन ने तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के दिए निर्देश
कार्यालय ज्ञापन के अनुसार दोनों अधिकारियों को तत्काल अपने-अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग में यह बदलाव ऐसे समय किया गया है जब नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां तेज हैं और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार माध्यमिक और बेसिक शिक्षा दोनों विभागों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रगति पर हैं। ऐसे में नए दायित्वों के साथ दोनों अधिकारियों के सामने विभागीय कार्यों को गति देने और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की चुनौती रहेगी।
आगामी शैक्षणिक सत्र पर रहेगी नजर
शिक्षा विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को केवल नियमित तबादले के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार और विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रताप सिंह बघेल और अनिल भूषण चतुर्वेदी, दोनों ही लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षणिक प्रशासन को नई गति मिलेगी।











