लखनऊ|22 मई 2026: लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में बढ़ोतरी का फैसला लागू कर दिया है। इस निर्णय से उन कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो अभी भी पांचवें और छठवें वेतनमान के तहत सेवा दे रहे हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद मई महीने के वेतन से संशोधित दरों का भुगतान शुरू किया जाएगा।
लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के बीच यह फैसला हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने केवल कार्यरत कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशन पाने वालों के लिए भी राहत संबंधी व्यवस्था लागू की है।
पांचवें और छठवें वेतनमान वालों को कितना बढ़ा DA
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अलग-अलग वेतनमान के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अलग दर से वृद्धि की गई है।
- छठे वेतनमान के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी इसमें 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
- पांचवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों का डीए 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी उन्हें 9 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई दरों का लाभ मई 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा। आदेश वित्त विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार द्वारा जारी किया गया।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता केवल सीमित वर्ग तक नहीं रहेगा, बल्कि कई श्रेणियों के कार्मिकों को इसका लाभ मिलेगा।
इनमें शामिल हैं:
- राज्य सरकार के कर्मचारी
- सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी
- प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी
- शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारी
- कार्य प्रभारित कर्मचारी
- यूजीसी वेतनमान में कार्यरत वे पदधारक जिनके वेतनमान जनवरी 2016 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी भी पांचवें या छठवें वेतनमान संरचना के अंतर्गत आते हैं।
एरियर को लेकर सरकार ने क्या व्यवस्था बनाई
सरकार ने 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक देय एरियर राशि के भुगतान का भी स्पष्ट मॉडल तय किया है।
- जिन कर्मचारी भविष्य निधि (GPF) के सदस्य हैं, उनका एरियर भविष्य निधि खाते में जमा होगा।
- जो कर्मचारी GPF सदस्य नहीं हैं, उनकी राशि PPF खाते में जमा होगी या राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) के रूप में दी जाएगी।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
- देय एरियर की 10 प्रतिशत राशि टियर-1 पेंशन खाते में जमा होगी।
- राज्य सरकार अतिरिक्त 14 प्रतिशत योगदान भी पेंशन खाते में जमा करेगी।
- शेष 90 प्रतिशत राशि PPF या NSC के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी राहत
सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है जिनकी सेवाएं आदेश जारी होने से पहले समाप्त हो चुकी हैं या जो अगले छह माह के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे मामलों में महंगाई भत्ते की देय राशि नकद भुगतान के रूप में दी जाएगी।
इसके साथ ही अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत (Dearness Relief) का लाभ दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च के बीच कर्मचारी वर्ग लंबे समय से राहत की मांग कर रहा था। सरकार का यह कदम वेतन और पेंशन व्यवस्था में प्रत्यक्ष आर्थिक सहारा देने वाला माना जा रहा है।








