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यूपी कृषि विभाग की पहल: हरी खाद पर 50% अनुदान, सुधरेगी मिट्टी की सेहत

On: April 19, 2026
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यूपी कृषि विभाग की पहल, हरी खाद पर 50% अनुदान
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लखनऊ (19 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश में खेती की गिरती गुणवत्ता को लेकर अब सरकार ने ठोस कदम उठाया है। हरी खाद अनुदान योजना के तहत किसानों को मिश्रित हरी खाद के बीजों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का मकसद न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधारना है, बल्कि खेती को टिकाऊ और कम लागत वाला बनाना भी है।

पिछले कुछ वर्षों में यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग ने मिट्टी की उर्वरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदेश की मिट्टी में जीवांश कार्बन का स्तर घटकर महज 0.2 से 0.3 प्रतिशत तक रह गया है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए यह 0.8 से 1 प्रतिशत के बीच होना चाहिए।

मिट्टी की सेहत पर बढ़ता खतरा, क्यों जरूरी है बदलाव

खेती की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो साफ होता है कि रासायनिक उर्वरकों पर बढ़ती निर्भरता ने मिट्टी की प्राकृतिक संरचना को कमजोर कर दिया है।

केंचुए और मित्र कीट, जो मिट्टी को जीवित और उपजाऊ बनाए रखते हैं, तेजी से गायब हो रहे हैं। इसके साथ ही सूक्ष्म जीवों की सक्रियता में भी कमी आई है, जिसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ रहा है।

गर्मी के मौसम में खेतों की जुताई न करना और जैविक उपायों की अनदेखी भी इस समस्या को और गहरा बना रही है।

हरी खाद क्या है और कैसे करती है काम

हरी खाद दरअसल एक पारंपरिक लेकिन बेहद प्रभावी खेती तकनीक है। इसमें ढैंचा, सनई, लोबिया, ग्वार और मक्का जैसी फसलों को उगाकर 30 से 40 दिनों के भीतर खेत में ही पलट दिया जाता है।

इन फसलों की जड़ों में मौजूद जीवाणु हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में मिलाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्राकृतिक रूप से बढ़ती है।

इस प्रक्रिया से:

  • नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश की उपलब्धता बढ़ती है
  • मिट्टी में सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं
  • भूमि की जल धारण क्षमता बेहतर होती है

अप्रैल-मई में हरी खाद का खास महत्व

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के महीनों, खासकर अप्रैल और मई में हरी खाद की खेती करने से जमीन को बंजर होने से बचाया जा सकता है।

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी के अनुसार, इस दौरान हरी खाद उगाने से मिट्टी अगली फसल के लिए बेहतर तरीके से तैयार होती है और उत्पादन में सुधार आता है।

50% अनुदान से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

हरी खाद अनुदान योजना के तहत कृषि विभाग किसानों को ढैंचा और मिश्रित हरी खाद के बीज आधी कीमत पर उपलब्ध कराएगा।

किसान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इससे न सिर्फ उनकी लागत कम होगी, बल्कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी घटेगी।

लंबे समय में टिकाऊ खेती की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान बड़े पैमाने पर हरी खाद को अपनाते हैं, तो इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि खेती को फिर से प्रकृति के करीब लाने की कोशिश है—जहां मिट्टी जिंदा रहे, फसल स्वस्थ हो और किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सके।

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