लखनऊ/27 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में शैक्षिक सत्र 2027-28 के लिए नए महाविद्यालय और शिक्षण संस्थान खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन ने नए कॉलेज खोलने के साथ मौजूदा संस्थानों में बीएड को छोड़कर नए विषय और पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए पूरी समय-सारिणी जारी कर दी है। इच्छुक संस्थानों को 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। शासन ने आवेदन से लेकर भूमि सत्यापन, निरीक्षण, संबद्धता और अपील तक की पूरी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की है।
नए कॉलेज खोलने के लिए 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन
शैक्षिक सत्र 2027-28 में नए महाविद्यालय या संस्थान खोलने तथा मौजूदा संस्थानों में नए विषय और पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए विश्वविद्यालयों में अनापत्ति संबंधी प्रस्ताव 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे।
इसके बाद प्रस्तावों में दी गई भूमि से जुड़े अभिलेखों का राजस्व विभाग के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। यह प्रक्रिया 5 जनवरी 2027 तक पूरी की जानी है।
भूमि सत्यापन के दौरान खतौनी, संयुक्तता प्रमाणपत्र और नजरी नक्शे समेत संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी। यानी कॉलेज खोलने के प्रस्ताव में जमीन से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति को विशेष महत्व दिया गया है।
जिलाधिकारी को सात दिन में भेजना होगा प्रस्ताव
शासन द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार संबंधित प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजे जाएंगे। जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद अधिकतम एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन भेजनी होगी।
इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर अनापत्ति आदेश जारी किए जाएंगे। शासन ने इसके लिए 20 जनवरी 2027 तक की समयसीमा तय की है।
यदि विश्वविद्यालय के निर्णय से संबंधित पक्ष संतुष्ट नहीं होता है तो वह 30 जनवरी 2027 तक शासन में अपील कर सकेगा। इन अपीलों का निस्तारण 20 फरवरी 2027 तक किया जाना है।
मार्च में बनेगा निरीक्षण मंडल
अनापत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्तावित संस्थानों के निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन के कार्यक्रम के मुताबिक निरीक्षण मंडल का गठन 5 मार्च 2027 तक किया जाएगा।
निरीक्षण मंडल में संबंधित विषय के विशेषज्ञों के साथ सदस्य सचिव शामिल होंगे। निरीक्षण के लिए दो संभावित तिथियां संबंधित पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएंगी। निरीक्षण के बाद मंडल को अपनी रिपोर्ट 5 अप्रैल 2027 तक उपलब्ध करानी होगी।
जरूरत पड़ने पर निरीक्षण रिपोर्ट का शासन स्तर पर दोबारा सत्यापन भी कराया जा सकेगा। इससे संस्थानों की ओर से प्रस्तुत दावों और निरीक्षण में सामने आई स्थिति की दोबारा जांच का रास्ता खुला रहेगा।
20 अप्रैल तक मिल सकेगी संबद्धता
निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित संस्थान को संबद्धता देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शासन ने इसके लिए 20 अप्रैल 2027 तक की समयसीमा निर्धारित की है।
संबद्धता के फैसले के खिलाफ 30 अप्रैल 2027 तक अपील की जा सकेगी। शासन स्तर पर इन अपीलों का निस्तारण 20 मई 2027 तक किया जाना है।
इस तरह आवेदन से लेकर अंतिम अपील के निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया के लिए शासन ने पहले से समयसीमा निर्धारित कर दी है। इसका उद्देश्य नए संस्थानों और नए पाठ्यक्रमों से संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय में निस्तारित करना है।
यूपी में नए कॉलेज खोलने की पूरी समय-सारिणी
| प्रक्रिया | निर्धारित अंतिम तिथि |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन/अनापत्ति प्रस्ताव | 31 अक्टूबर 2026 |
| भूमि अभिलेखों का राजस्व सत्यापन | 5 जनवरी 2027 |
| अनापत्ति आदेश | 20 जनवरी 2027 |
| शासन में पहली अपील | 30 जनवरी 2027 |
| पहली अपील का निस्तारण | 20 फरवरी 2027 |
| निरीक्षण मंडल का गठन | 5 मार्च 2027 |
| निरीक्षण रिपोर्ट | 5 अप्रैल 2027 |
| संबद्धता प्रदान करना | 20 अप्रैल 2027 |
| संबद्धता के खिलाफ अपील | 30 अप्रैल 2027 |
| अपील का अंतिम निस्तारण | 20 मई 2027 |
शासन के इस कार्यक्रम के तहत नए महाविद्यालय या संस्थान खोलने के अलावा मौजूदा संस्थानों में बीएड को छोड़कर नए विषय और पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव भी तय प्रक्रिया के तहत लिए जाएंगे। संस्थानों के लिए जरूरी है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन और संबंधित दस्तावेज जमा करें, ताकि आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।









