लखनऊ/16 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है। कहीं बारिश ने राहत पहुंचाई है तो कहीं तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि अब मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने यूपी में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए संकेत दिए हैं कि 17 जुलाई से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय होगा। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में मौसम बदलेगा करवट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियां और मजबूत होने की संभावना है। इसका असर पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में दिखाई देगा। जहां एक ओर भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में भारी बारिश जनजीवन को भी प्रभावित कर सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी जैसी स्थिति बनी रही। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर उमस और गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में कब होगी ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 से 21 जुलाई के बीच बारिश का दायरा और व्यापक होने के आसार हैं। 22 जुलाई को भी कई जिलों में तेज वर्षा की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
अगले सात दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 18 से 22 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 जुलाई से वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। कई जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से धान, मक्का, तिल और अरहर की फसलों वाले खेतों में अतिरिक्त पानी जमा न होने देने के लिए समय रहते निकासी की व्यवस्था करने की अपील की गई है।
बारिश की इस नई सक्रियता से जहां प्रदेशवासियों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।









