राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

यूपी मानसून 2026 पर अलनीनो का असर, कम बारिश से बढ़ी सूखे की आशंका; धान-मक्का समेत कई फसलें हो सकती हैं प्रभावित

On: June 19, 2026
Follow Us:
यूपी मानसून 2026 पर अलनीनो का असर, कम बारिश से बढ़ी सूखे की आशंका
---Advertisement---

19 जून 2026|लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की चाल चिंता बढ़ाने लगी है। आमतौर पर 18 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून अभी तक सक्रिय नहीं हो पाया है और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अलनीनो (El Niño) की परिस्थितियां हैं। यही कारण है कि इस वर्ष प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार यूपी मानसून 2026 के दौरान जून से सितंबर के बीच औसत वर्षा सामान्य स्तर से नीचे रह सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश के कई हिस्सों में आंशिक सूखे जैसे हालात भी देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

मानसून की दस्तक में हो सकती है एक सप्ताह से अधिक की देरी

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रदेश में मानसून के आगमन में कम से कम एक सप्ताह या उससे अधिक की देरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस बार कुल वर्षा औसत के 90 प्रतिशत से भी कम रह सकती है।

सबसे ज्यादा चिंता जून महीने की बारिश को लेकर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में सामान्य वर्षा की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज हो सकती है। ऐसे में खेतों में नमी की कमी और बुआई में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

खरीफ फसलों पर पड़ सकता है सीधा असर

कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जून के शुरुआती दिनों में होने वाली बारिश खरीफ सीजन की कई फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। बारिश कम होने पर धान, मक्का, बाजरा और अरहर जैसी फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है।

इसके अलावा लौकी, करेला, तोरई, भिंडी और ग्वार फली जैसी हरी सब्जियों के उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। यदि बारिश में लगातार देरी होती है तो किसानों की लागत बढ़ सकती है और उत्पादन में कमी आने का खतरा भी रहेगा।

2015 जैसी स्थिति दोहराने का खतरा

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अलनीनो का प्रभाव यदि मजबूत बना रहा तो उत्तर प्रदेश में वर्ष 2015 जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। उस वर्ष जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई थी।

कम बारिश के कारण धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें प्रभावित हुई थीं। इसका असर केवल कृषि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण आय, खाद्य आपूर्ति और महंगाई पर भी पड़ा था। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस बार भी वर्षा में बड़ी कमी रहती है तो कृषि क्षेत्र को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

देशभर में भी कमजोर दिख रहा मानसून

मानसून की धीमी रफ्तार सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। 15 जून तक देश के 703 जिलों में से केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई। कई राज्यों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।

महाराष्ट्र में अब तक लगभग 74 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। चूंकि भारत में 50 से 60 प्रतिशत सिंचाई अब भी वर्षा पर निर्भर है, इसलिए मानसून की कमजोरी का असर कृषि उत्पादन पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।

अगले पांच दिनों तक गर्मी से राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल उत्तर प्रदेश में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। यही वजह है कि अगले तीन से पांच दिनों तक लू और भीषण गर्मी का असर बना रह सकता है।

शुक्रवार के लिए प्रदेश के 27 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, अयोध्या, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत और बदायूं सहित कई जिले शामिल हैं।

बांदा रहा प्रदेश का सबसे गर्म शहर

गुरुवार को उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी का प्रकोप जारी रहा। बांदा में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।

इसके अलावा झांसी में 42.2 डिग्री, प्रयागराज में 41.8 डिग्री और वाराणसी में 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि कानपुर और हमीरपुर में हल्की बूंदाबांदी से लोगों को थोड़ी राहत मिली।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यूपी मानसून 2026 की प्रगति पर किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासन की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि बारिश की मात्रा इस बार खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई को राहत, कैबिनेट ने बढ़ाई परियोजना की समय सीमा

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई को राहत, आइक्यो साल्यूशन्स को मिलेगा प्रोत्साहन; कैबिनेट ने बढ़ाई परियोजना की समय सीमा

यूपी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2026, योगी सरकार ने कृषि के लिए मंजूर किए 232.38 करोड़ रुपये

यूपी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2026: योगी सरकार ने कृषि के लिए मंजूर किए 232.38 करोड़ रुपये, एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

यूपी फसल बीमा योजना 2026, फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

यूपी फसल बीमा योजना 2026: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

यूपी अनुपूरक बजट 2026, समाज कल्याण विभाग को 1655 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान

यूपी अनुपूरक बजट 2026: समाज कल्याण विभाग को 1655 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान, वृद्धावस्था पेंशन के लिए मिले 1500 करोड़

यूपी बनेगा डीप-टेक का नया केंद्र, लखनऊ और नोएडा में स्थापित होंगे यू-हब

यूपी बनेगा डीप-टेक का नया केंद्र, लखनऊ और नोएडा में स्थापित होंगे ‘यू-हब’; एआई और सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

सपा का आचरण सदन की मर्यादा के खिलाफ, विधानसभा हंगामे पर सीएम योगी का पलटवार

सपा का आचरण सदन की मर्यादा के खिलाफ, अलोकतांत्रिक और शर्मनाक: विधानसभा हंगामे पर सीएम योगी का पलटवार