लखनऊ/7 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में कार्यरत 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है। सरकार ने आउटसोर्स कार्मिकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की है। नई दरों के तहत कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती के बाद अलग-अलग श्रेणियों में निर्धारित मासिक राशि मिलेगी। वहीं, कर्मचारियों के वेतन पैकेज के साथ सरकार पर जीएसटी, सर्विस चार्ज और अन्य मदों का अतिरिक्त वित्तीय भार भी आएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 3,52,396 आउटसोर्स कार्मिक कार्यरत हैं। दो सितंबर से बढ़ी हुई दरों पर पारिश्रमिक देने की व्यवस्था के तहत सरकार के खर्च का विस्तृत हिसाब तैयार किया गया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हर महीने मिलेंगे 15,396 रुपये
चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्स कर्मचारियों का मासिक पैकेज 20,337 रुपये निर्धारित किया गया है। ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती के बाद कर्मचारियों के हाथ में हर महीने 15,396 रुपये आएंगे।
ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार भी अपना अंशदान करेगी। इसके अलावा जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में सरकार को प्रति कर्मचारी हर महीने 4,670 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
इस तरह चतुर्थ श्रेणी के प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का कुल मासिक खर्च 25,007 रुपये होगा।
श्रेणी तीन के कर्मचारियों को मिलेंगे 16,966 रुपये
श्रेणी तीन के आउटसोर्स कर्मचारियों का मासिक पैकेज 22,411 रुपये तय किया गया है। ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती के बाद कर्मचारियों को हर महीने 16,966 रुपये मिलेंगे।
इस श्रेणी में ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार भी अंशदान करेगी। जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में प्रति कर्मचारी 5,146 रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
इस प्रकार श्रेणी तीन के प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का कुल मासिक खर्च 27,568 रुपये होगा।
श्रेणी दो के कर्मचारियों को 19,148 रुपये मिलेंगे
श्रेणी दो के कर्मचारियों का मासिक पैकेज 25,293 रुपये निर्धारित किया गया है। ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती के बाद हर महीने 19,148 रुपये कर्मचारियों के खाते में आएंगे।
सरकार इस श्रेणी के कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआइ में भी अपना हिस्सा देगी। इसके अतिरिक्त जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के मद में प्रति कर्मचारी 5,808 रुपये खर्च होंगे।
इस श्रेणी के प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का कुल मासिक खर्च 31,102 रुपये होगा।
श्रेणी एक के कर्मचारियों को बिना कटौती मिलेंगे 39 हजार रुपये
श्रेणी एक के आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक की व्यवस्था अन्य श्रेणियों से अलग है। इनके मासिक पैकेज में ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती नहीं होगी।
इन कर्मचारियों को हर महीने 39,000 रुपये बिना किसी कटौती के दिए जाएंगे। हालांकि, जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में सरकार को प्रति कर्मचारी 9,251 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
इस तरह श्रेणी एक के प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का कुल मासिक खर्च 48,251 रुपये होगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों पर सरकार का कितना होगा खर्च?
| कर्मचारी श्रेणी | मासिक पैकेज | कटौती के बाद मिलने वाली राशि | सरकार का कुल मासिक खर्च |
|---|---|---|---|
| श्रेणी चार | ₹20,337 | ₹15,396 | ₹25,007 |
| श्रेणी तीन | ₹22,411 | ₹16,966 | ₹27,568 |
| श्रेणी दो | ₹25,293 | ₹19,148 | ₹31,102 |
| श्रेणी एक | ₹39,000 | ₹39,000 | ₹48,251 |
योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़े हुए पारिश्रमिक का लाभ मिलेगा। हालांकि, कर्मचारियों के हाथ में आने वाली वास्तविक राशि उनकी श्रेणी और लागू कटौतियों के अनुसार अलग-अलग होगी।









