लखनऊ/07 जून 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करते हुए अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों पर जूते पहनकर आने के बजाय चप्पल पहनकर पहुंचें, ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया सुगम और तेज हो सके।
भर्ती बोर्ड के अनुसार, परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले कई स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के लिए 16 लाख से अधिक एडमिट कार्ड डाउनलोड
भर्ती बोर्ड की वेबसाइट से अब तक 16 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। इस भर्ती परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में आरक्षियों के 32,679 पदों को भरा जाना है।
गौरतलब है कि इस भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 28.65 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिससे यह देश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक बन गई है।
कलावा और मंगलसूत्र पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं
परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया और अभ्यर्थियों के बीच धार्मिक प्रतीकों को लेकर उठ रहे सवालों पर भर्ती बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट की है।
बोर्ड ने कहा है कि कलावा और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीक चिह्न पहनकर परीक्षा केंद्र आने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सभी अभ्यर्थियों को करना होगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि परीक्षा के सफल आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साल्वर गैंग और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले तत्वों पर नजर रखने की जिम्मेदारी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस को सौंपी गई है।
सभी परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं और रविवार शाम से ही केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई है।
आधार सत्यापन और आइरिस स्कैन के बाद मिलेगा प्रवेश
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले पहचान सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत आधार कार्ड की जांच, ई-केवाईसी सत्यापन और आइरिस स्कैनिंग की जाएगी।
भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि केवल सफल सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों और प्रतिरूपण की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।
हर पाली में शामिल होंगे करीब 4.90 लाख अभ्यर्थी
भर्ती बोर्ड के अपर सचिव (भर्ती) सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी और प्रत्येक पाली में लगभग 4.90 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।
महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके गृह जनपद या निकटवर्ती जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा न करनी पड़े।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
- परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें।
- प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखें।
- जूते की बजाय चप्पल पहनकर आने को प्राथमिकता दें।
- सुरक्षा जांच में सहयोग करें।
- आधार सत्यापन और आइरिस जांच के लिए अतिरिक्त समय लेकर पहुंचें।
- किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें।
प्रदेश की इस बहुप्रतीक्षित भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब 8 जून से शुरू होने वाली परीक्षा पर टिकी हैं, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी पाने का सपना साकार होने की उम्मीद जुड़ी हुई है।









